गोंडा के करनैलगंज सरयू पुल में आई दरार।
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करनैलगंज(गोंडा)। करीब 58 वर्ष पूर्व बना सरयू नदी का पुल अब बूढ़ा होकर भी कई जिलों के हजारों वाहनों का बोझ उठा रहा है। गोंडा-लखनऊ के बीच की इसी लाइफलाइन बने इस पुल के जोड़ में करीब 4 इंच से अधिक चौड़ी दरार आ गई है। लेकिन इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग खामोश है। जबकि पुल की मरम्मत रखरखाव के लिए आने वाले धन का उपयोग पुल पर नहीं हो रहा है। जिसका खामियाजा पुल से होकर गुजरने वाले वाहनों को उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही लगातार बढ़ रही दरार पुल के लिए खतरे का संकेत है।
गोंडा-लखनऊ मार्ग पर करनैलगंज से 3 किलोमीटर दूर सरयू नदी पर बना पुल वर्ष 1962 में निर्मित होकर संचालित किया गया था। तभी से लगातार पुल पर गोंडा, बलरामपुर, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, आजमगढ़, फैजाबाद, बढ़नी, सहित बिहार आदि जिलों व प्रदेशों के सभी तरीके के वाहन पुल से गुजर रहे हैं। पुल के बीचों-बीच जोड़ पर चौड़ी दरार हो जाने के बावजूद भी प्रशासन नहीं चेत रहा है। जबकि भारी वाहन निकलने पर पुल की थरथराहट एवं उसकी जंपिंग खतरे का संकेत दे रही हैं। भारी वाहन निकलने पर जॉइंट से उठने वाली आवाज से पुल को भी खतरा उत्पन्न हो रहा है।
बताया जा रहा है कि किसी भी पुल के निर्माण के बाद उसकी उम्र 50 वर्ष की मानी जाती है। जबकि इस पुल को 58 वर्ष बीत चुके हैं उसके बावजूद सरकारी महकमा पुल की मरम्मत या जॉइंट को भरने के विषय में कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। करीब तीन वर्ष पूर्व पुल के किनारे दरार आ जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दरार को भरवा कर डामर युक्त सड़क का निर्माण करवा दिया था। मगर यह दरार बीचोबीच पुल पर होने के कारण प्रशासन इसे संज्ञान नहीं ले रहा है। जानकार बताते हैं कि उनमें लगातार गैप बढ़ता जा रहा है। जो खतरे का संकेत है और किसी भारी वाहन के निकलने पर पुल को क्षति पहुंच सकती है।
नहीं हो रही पुल की मरम्मत
प्रत्येक पुल की मरम्मत रखरखाव के लिए प्रतिवर्ष विभाग उस पर पैसा खर्चा कर रहा है। मगर इस पुल पर कई वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो इसकी रंगाई पुताई हुई है और न ही इसकी मरम्मत की गई। जिससे पुल अब खतरनाक साबित हो रहा है। लोक निर्माण विभाग खंड-2 के एक्सईएन दूधनाथ राम बताते हैं कि इस संबंध में ब्रिज कारपोरेशन को पत्र भेजा जा चुका है और पुल के बीच आई दरार का मामला उनके संज्ञान में है। लगातार ब्रिज कारपोरेशन से संपर्क किया जा रहा है। शीघ्र ही पुल के बीच आई दरार को ठीक कराने एवं मरम्मत के साथ-साथ उसके रखरखाव की व्यवस्था कराने की की कार्रवाई की जाएगी।