रुपईडीह/गोंडा। आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में सामुदायिक निवेश निधि में घोटाला मामले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के जिला स्तरीय अधिकारी बैकफुट पर आ गए हैं। आरोप है कि अधिकारियों ने मनमाने तरीके से एक साथ स्पष्टीकरण, कार्रवाई व वसूली आदेश जारी कर दी। इसके बाद कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। विभाग ने संबंधित नोटिस को वापस लिया है। साथ फिर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में वर्ष 2022 से अब तक राष्ट्रीय आजीविका मिशन के सामुदायिक निवेश निधि में करीब दो करोड़ रुपये के घोटाले की पुष्टि की जा चुकी है। ये खुलासा ग्राम्य विकास आयुक्त के निर्देश पर जांच के बाद अधिकारियों ने किया है। आरोप है कि सीडीओ अंकिता जैन के निर्देश पर बीडीओ अभय सिंह की ओर से खरगूपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद घोटाला चलता रहा है। इस तरह से घोटाले की रकम करीब दो करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
डीसी एनआरएलएम जेएन राव ने मामले में स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल संघ के पदाधिकारियों के साथ ही ब्लॉक मिशन मैनेजर, एडीओ आईएसबी और जिला मिशन मैनेजर को नोटिस जारी किया। संबंधित नोटिस के खिलाफ समूह, ग्राम संगठन व संकुल संघ के पदाधिकारियों ने हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में गुहार लगाई। हाईकोर्ट की ओर से विभाग की ओर से जारी किए गए स्पष्टीकरण, कार्रवाई व वसूली आदेश को वापस लेने के निर्देश दिए। हालांकि कोर्ट ने याचिका रद्द कर दिया है। डीसी एनआरएलएम जेएन राव ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर संबंधित ग्राम संगठन, संकुल संघ और स्वयं सहायता समूहों के पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही एक सप्ताह में जवाब तलब किया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।