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सौतेले पिता को फांसी: मासूम बेटी से दरिंदगी... फिर दी थी रूह कंपाने वाली मौत; फैसले से कोर्ट ने रचा इतिहास

Sat, 21 Dec 2024 04:32 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

कोर्ट ने चार वर्ष की मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्यारे सौतेले पिता को फांसी की सजा सुजाई। कोर्ट ने कहा कि यह क्रूरतम और घृणित काम है। विरल से विरलतम अपराध है। छह महीने के अंदर सजा सुनकर इतिहास रचा। 
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जानकारी देते वकील, दोषी की फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यूपी के गोंडा में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने चार वर्ष की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्यारे सौतेले पिता को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने आरोप पत्र दाखिल होने के महज छह माह के अंदर फैसला सुनाकर इतिहास रच दिया है।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर के रहने वाले विष्णु गुप्ता उर्फ तिन्ने ने थाने में केस दर्ज कराया कि वह शराब के ठेके के पास पानी पकौड़ी बेचता है। 21 जून 2024 का शाम चार बजे साधू के भेष में एक व्यक्ति रेलवे लाइन के किनारे बैठकर शराब पी रहा था उसके साथ एक चार साल की बच्ची भी थी। 

कटरा रेलवे स्टेशन के पास बच्ची का शव मिला

उसने बताया कि वह उसकी लड़की है। रात नौ बजे सूचना मिली के कटरा रेलवे स्टेशन के पास बाग में एक बच्ची का शव मिला है। शव को देखने से लगता है कि बच्ची को उसी बाबा ने पटक-पटक कर मार डाला है। 

आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया

विवेचना में साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मध्य प्रदेश में दतिया जिले के सेंवड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जौरीताल के निवासी विश्वनाथ वंशकार को गिरफ्तार किया। उसके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। छह जुलाई 2024 को अपराध का संज्ञान लेकर पॉक्सो कोर्ट ने विचारण की कार्यवाही शुरु की। 
 

अभियोजन पक्ष ने वादी, मृतका की मां समेत 10 गवाहों को अदालत में पेश किया। ट्रायल के दौरान पेश किए गए संदेह से परे साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अभियुक्त विश्वनाथ वंशकार को दोषी करार दिया। 
 

दोषी विश्वनाथ वंशकार को फांसी की सजा सुनाई

कोर्ट ने माना कि दोषी विश्वनाथ वंशकार द्वारा किया गया अपराध अत्यंत क्रूरतम और घृणित है। यह कृत्य विरल से विरलतम मामले के अंर्तगत आता है। शनिवार को इस मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने दोषी अभियुक्त विश्वनाथ वंशकार को फांसी की सजा सुनाई। 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। 
 
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कोर्ट ने कहा है कि मृत्युदंड के निष्पादन में दोषसिद्ध अपराधी विश्वनाथ वंशकार के गले में फंदा लगाकर तब तक लटकाया जाए जब तक कि उसकी मृत्यु न हो जाए। अदालत के आदेशानुसार अधिरोपित अर्थदंड की आधही धनराशि मृतका की मां को दी जाएगी।
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