कटरा बाजार (गोंडा)। जिले की सबसे पुराने टाउन एरिया कटरा बाजार में अनियमितता व मनमानी पर सभासद मुखर हैं। सभासद व चेयरमैन के बीच बढ़ती दरार विकास कार्यों को प्रभावित तो कर ही रही है साथ ही हुए कार्यों पर भी सवाल खड़ा कर रही है।
21 मई को नगर पंचायत कार्यालय पर बोर्ड की तीसरी बैठक में 14 सभासदों के बहिष्कार के बाद सभासदों ने चेयरमैन के प्रति मोर्चा खोल दिया। अध्यक्ष पर खुद की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर कार्य कराए जाने का आरोप लगाते हुए नगर के कई वार्डों में ऑफलाइन टेंडर पर बिना कार्य कराए ही पैसों का बंदरबांट कर लिया है। वार्ड नंबर सात के सभासद प्रतिनिधि लालबाबू तिवारी ने बताया कि वार्ड संख्या तीन चरेरा में टेंडर के बाद भी इंटरलॉकिंग व नाली का कार्य नहीं हुआ। सभासद दद्दन तिवारी ने बताया कि वार्ड नंबर छह में भी टेंडर प्रकिया पूरी होने के बाद कार्य नहीं हुआ। ऐसे कई वार्ड हैं, दो साल पूर्व टेंडर होने के बाद भी आज तक कार्य नहीं कराए गए।
वार्ड नंबर 12 की सभासद सरोज जायसवाल का कहना है कि दो वर्ष हो गए। वार्ड में विकास के नाम पर नाली, लाइट, सड़क का कार्य नहीं हो सका है। जनता उनसे सवाल पूछ रही है। नपं में विवादों के बीच सोशल मीडिया पर सलाहकार को लेकर चर्चा होने लगी। सभासदों ने आरोप लगाकर कहा कि नगर विकास विभाग से अनुमति के बगैर ही गलत तरीके से चेयरमैन ने सलाहकार के पद पर अपने पिता को बैठा दिया। जबकि बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखकर अनुमति लेनी होती है लेकिन, मनमानी तरीके से 23 जून 2023 को नगर पंचायत की बैठक में सलाहकार की नियुक्ति का पत्र वायरल हो रहा है। जबकि पत्र संख्या 325 में सलाहकार समिति के गठन में तीन सदस्यीय टीम में चेयरमैन की मां वार्ड नंबर तीन की सदस्य शाहजहां, वार्ड नंबर 9 के सदस्य रामफेर व तीसरा व्यक्ति चेयरमैन के पिता पूर्व सभासद मुजीबुलहसन को शामिल कर टीम का गठन कर उनको सलाहकार चुन लिया गया। सभासदों का कहना है कि जल्द ही डीएम व कमिश्नर से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
चेयरमैन शमा परवीन का कहना है कि विकास कार्यों में बिना कार्य कराए धन निकासी नहीं की गई है। उन पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। सलाहकार के पद पर नगर पालिका अधिनियम 1916 के अंतर्गत ही चयन किया गया है।