लगभग चार करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी उतरौला-बलरामपुर सड़क को पूरी तरह गड्ढामुक्त नहीं किया जा सका है। जगह-जगह गड्ढे व उछाल के कारण राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की बदहाली के चलते 30 किलोमीटर दूरी तय करने में कम से कम डेढ़ घंटे समय लगता है। क्षेत्रवासियों ने सड़क का पुन: निर्माण कराने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
उतरौला तहसील मुख्यालय को बलरामपुर जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले आसाम रोड को गड्ढामुक्त बनाने के लिए विगत दिनों लगभग चार करोड़ रुपये खर्च करके मरम्मत कार्य कराया गया है।
मानक के अनुरूप मरम्मत कार्य न होने से सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। मार्ग पर कई जगह अभी भी गड्ढे हैं। कुछ स्थानों पर सड़क की पटरियां भी पूरी तरह गायब हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है। मानक के अनुरूप तारकोल का इस्तेमाल नहीं होने के कारण गिट्टियां मरम्मत के एक माह बाद ही उखड़ने लगी हैं।
सड़क मरम्मत में अनियमितता की शिकायत भी स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से की लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
सड़क पर गड्ढों व उछाल के कारण यात्रियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासी भयहरन सिंह, अनूप सिंह, मनीष, अजीज, सलमान, रईस, कुलदीप आदि का कहना है कि सड़क की बदहाली के चलते उतरौला से बलरामपुर 30 किलोमीटर की दूरी तय करने में कम से कम डेढ़ घंटे लगता है। इन लोगों ने मुख्यमंत्री को मांगपत्र भेजकर सड़क का पुन: निर्माण कराने की मांग की है।