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कोरोना से दो लोगों की मौत, पूर्व मंत्री समेत 180 संक्रमित

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गोंडा के बड़गांव पुलिस चौकी स्थित बैंक में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते लोग। - फोटो : GONDA
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गोंडा। कोरोना का आतंक किस तरह लोगाें को मानसिक रूप से तोड़ रहा है इसका उदाहरण शनिवार को देखने को मिला जब परसपुर निवासी एक कोरोना पॉजिटिव युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके अलावा निजी अस्पताल में भर्ती संक्रमित एक अन्य युवक की कोरोना से मौत हो गई। वहीं पूर्व मंत्री व कमिश्नर समेत 181 लोगों में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है।
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जिले में कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। धीरे धीरे इसका डर लोगों के दिलों दिमाग पर छाने लगा है। शनिवार को परसपुुर के कोड़री बेलमत्थर निवासी कोरोना संक्रमण से पीड़ित राहुल देव मिश्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया।
वहीं कोरोना संक्रमण के चलते निजी हॉस्पिटल में भर्ती शहर के विष्णुपुरी कॉलोनी निवासी एक युवक की कोरोना संक्रमण से मौत हो गयी है तथा पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह व कमिश्नर एसवीएस रंगाराव समेत 181 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। गंभीर संक्रमितों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी लोग होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करवा रहे हैं।
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पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने अपनी कोरोना जांच पॉजिटिव होने की जानकारी देते हुए संपर्क में आए सभी लोगों से कोरोना जांच कराने की अपील की। मंत्री ने बताया कि पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद वह अपने घर में आइसोलेट हैं तथा चिकित्सकों की सलाह से दवा ले रहे हैं। पिछले साल 17 अप्रैल को ही जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मामला आया मिला तब से अबतक 6629 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके।
जिले में कोरोना संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि ठीक एक वर्ष पहले 17 फरवरी को हुई थी। रूपईडीह के बिछुड़ी गांव में दिल्ली से आए एक व्यक्ति में कोरोना पॉजीटिव पाया गया था। जिस पर घंटे भर के अंदर ही बिछुड़ी समेत आस पास के गांव छावनी में तब्दील हो गए थे। जिले के सभी आला अधिकारी गांव में डेरा डाले थे। वहीं पूरे जिले हड़कंप मच गया था।
लेकिन एक वर्ष बाद जब कोरोना संक्रमण ने जिले के 6629 लोगों को अपना शिकार बना चुका। तथा 80 लोगों ने कोरोना संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। फिर भी लोगों में कोरोना संक्रमण को लेकर बेपरवाही देखी जा रही है। लोग बाहर निकलते समय न तो मास्क का प्रयोग करते हैं। न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं। जिला प्रशासन भी मूक दर्शक बना बैठा है।
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