गोंडा। कोरोना के संक्रमण से जिले में पहली मौत रविवार को सामने आई है। शहर के रानीबाजार निवासी 65 वर्षीय व्यापारी की रविवार को लखनऊ के कोविड लेवल-3 में मौत हो गई। वह बीते 29 मई को कोरोना से संक्रमित पाया गया था।
उन्हें कोविड लेवल-1 में भर्ती कराया गया था। बाद में उसकी तबीयत बिगड़ने पर लेवल-3 में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। इस बारे डीएम डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि परिवारीजनों से बात हुई तो उसकी मौत की पुष्टि हुई है। लेकिन पोर्टल पर कोई भी सूचना नहीं अपडेट की गई है।
रानीबाजार मोहल्ले के एक व्यापारी का बेटा कुछ दिन पहले सूरत से आया था। परिवारीजनों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से छिपाई थी। बताया जा रहा है कि व्यापारी पहले से ही गंभीर बीमारी से ग्रसित था। फिर से जब वो इलाज के लिए जिला अस्पताल आया तो उसके लक्षणों को देखते हुए उसकी सैंपलिंग कराई गई थी। जिसकी रिपोर्ट 29 मई को आई थी।
बताया जा रहा है कि सूरत से जो बेटा आया था उसी से इसको भी संक्रमण हुआ। तीन दिन बाद उसके बेटे की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। डीएम ने कहा कि परिवारीजनों से बात की गई तो उन्होंने मृत्यु की पुष्टि हुई और उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के ही भैंसाकुंड में कोविड की प्रोटोकाल के तहत कराया गया है।
बताया जा रहा है कि जिले में अब तक कुल 108 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें से अभी तक दो लोगों यहां से लखनऊ के लेवल-3 में भेजा गया है। इनमें से एक मरीज जिसकी मौत रविवार को हुई है और दूसरा शनिवार को भेजा गया जो कि साहबगंज मोहल्ले का निवासी है। एक कोरोना संक्रमित की मौत के बाद शहर के रानीबाजार और आसपास के लोगों में बेचैनी बढ़ गई है।