फोटो-10 गोंडा के बेलसर में वैक्सीन लगाती स्वास्थ्यकर्मी। (संवाद)
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गोंडा। कोविड से बचाव के लिए बुजुर्गों को अब टीका लगवाने के लिए टीकाकरण केंद्रों पर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पर वैक्सीन लगाने आएगी। इसके लिए बुजुर्गों को कोविड कंट्रोल रूम या गांव की आशा, एएनएम को सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के बाद 24 से 48 घंटे के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम बुजुर्ग के घर पहुंचकर बूस्टर डोज लगाएगी। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच शासन स्तर से टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। किशोरों को पहला डोज और बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगाने में तेजी लाने को कहा गया है। बूस्टर डोज लगवाने के लिए करीब 11 हजार से अधिक ऐसे बुजुर्ग हैं, जिनका दूसरा डोज लगे नौ माह पूरे हो चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या उन बुजुर्गों की है, जो गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
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ानिवार को एसीएमओ डॉॅॅ. जयगोविंद ने बताया कि जिन बुजुर्गों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगे नौ माह या 39 सप्ताह हो चुके हैं और उन्हें कोई पुरानी या गंभीर बीमारी भी है, वे वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवा सकते हैं। एसीएमओ ने बताया कि कोविन पोर्टल के जरिए बूस्टर डोज के लिए मैसेज भेजे जा रहे हैं। जिन बुजुर्गों के मोबाइल पर मैसेज पहुंच रहे हैं, वह कोविड कंट्रोल रूम या जिला सर्विलांस अधिकारी को सूचना दे दें। सीएमओ ने बताया कि विभाग का लक्ष्य है कि फरवरी के अंत तक सभी पात्र बुजुर्गों को टीका लगा दिया जाए।
81 फीसदी लोग ले चुके वैक्सीन की दोनों डोज
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत जिले के 81.59 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी है। वहीं 80 फीसदी कर्मचारियों व बुजुर्गों ने एहतियाती डोज लगवा ली है। जिले में वैक्सीन की पहली खुराक 103 फीसदी लोग ले चुके हैं।