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अब कोरोना इनफॉर्मर बनेंगे मेडिकल स्टोर संचालक

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गोंडा। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सरकार ने नई योजना बनाई है। अब कोरोना संदिग्धों को ट्रेस करने के लिए सीधे मेडिकल स्टोर संचालकों को जोड़ा जायेगा। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से प्रदेश के सभी जिलों से मिली रिपोर्ट के मुताबिक कई लोग ऐसे हैं जिनमें कोरोना जैसे लक्षण जरूर हैं लेकिन वो उन्हें छुपाते हैं। ऐसे में यही लोग कोरोना के पूर्ण रूप से खात्मे में बाधा बन रहे हैं। अब इसके लिए खुफिया रिपोर्ट तैयार उन्हें सरकारी अस्पतालों तक लाने के लिए योजना बनाई गयी है। अब मेडिकल स्टोर संचालक कोरोना इन्फार्मर के तौर पर काम करेंगे।
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बता दें कि कोरोना संदिग्धों को सरकारी अस्पताल तक लाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एक और हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5146 जारी किया है। यह हेल्पलाइन सिर्फ प्राइवेट मेडिकल स्टोर चला रहे फार्मासिस्ट के लिए होगी। इसके साथ ही एएनएम, आंगनबाड़ी और आशा भी इस पर सूचना दें सकेंगी। कोरोना पर अंकुश तभी लगाया जा सकता है जब इसके लक्षण वाले किसी भी व्यक्ति को फौरन अस्पताल लाया जाए। इसके बाद उसकी जांच हो और अगर पाजिटिव है, तो तुंरत इलाज शुरू हो। बहुत से लोगों को सर्दी, जुकाम और होने पर दवा मेडिकल स्टोर से ले लेते हैं। ऐसे में कोरोना के संदिग्धों को ट्रेस करना मुश्किल हो गया है।
मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्ट को ऐसे किसी भी व्यक्ति की डिटेल इस हेल्पलाइन नंबर पर बताना है जो कि सर्दी, जुकाम और खांसी जैसे लक्षणों को लेकर दवा लेने आये। इससे उस शख्स का स्वास्थ्य विभाग फालोअप करेगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी स्क्रीनिंग करेंगी। अगर वह कोरोना के लक्षण की गिरफ्त में आता है तो उसकी जांच और इलाज करवाया जायेगा। यह हेल्पलाइन आम जनता के लिए नहीं है। इस पर प्राइवेट फार्मासिस्ट के अलावा आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी काल कर सकेंगी। आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी भी अपने संपर्क में आए किसी भी बुखार, खांसी के लक्षण वाले व्यक्ति के बारे में इस हेल्पलाइन पर सूचित कर सकेंगी।
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सरकार की ओर से की गई इस नई पहल से हमें कोरोना संदिग्धों तक पहुंचने में आसानी होगी। हमारा पहला उद्देश्य है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोका जाये। जिससे कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हो और सामुदायिक फैलाव पर ब्रेक लगाई जा सके। इस बारे में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की ओर दिशा निर्देश मिले हैं। इसके लिए अब सभी सीएचसी के अधीक्षकों के माध्यम से जिले के सभी पंजीकृत मेडिकल स्टोर संचालकों को इस बारे में सतर्क किया जायेगा।
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- डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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