लाइन ठीक करते समय मंगलवार को करंट लगने से एक संविदा कर्मी की मौत हो गई। पिपरा गांव में तार जोड़ते समय अचानक विद्युत आपूर्ति होने पर हादसा हुआ। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने गांव में कई घंटे हंगामा किया और विद्युत उपकेंद्र उतरौला में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। ग्रामीणों को समझाने में एसडीएम व सीओ जुटे रहे। ग्रामीणों के हंगामे के चलते संविदा कर्मी का शव तार से चिपका कई घंटे लटकता रहा।
उतरौला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खजुहा निवासी राम जिवायन ने बताया कि उनका बेटा राजेश चौहान (28) उतरौला विद्युत उपकेंद्र में संविदा कर्मी के रूप में तैनात था। मंगलवार को ग्रामीणों की सूचना पर उतरौला कोतवाली क्षेत्र के कटरा के मजरा पिपरा में उनका बेटा विद्युत तार जोड़ने गया था।
तार जड़ते समय अचानक विद्युत आपूर्ति होने से वह करंट की चपेट में आ गया और राजेश की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक तार जोड़ते समय किसी ने जानबूझकर आपूर्ति चालू कर दी जिससे संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई।
ग्रामीणों ने पावर कॉर्पोरेशन के लापरवाह अफसरों व कर्मियों के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम रामकेर सिंह यादव व सीओ जेके सिंह को भी ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। समझाने के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये तत्काल मुआवजा दिलाने और सरकारी नौकरी दिलाने की मांग पर ग्रामीण अड़े हुए थे।
उतरौला विद्युत उपकेंद्र में घुसकर ग्रामीणों ने जमकर तोड़फोड़ की। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों को समझाने में एसडीएम व सीओ जुटे रहे। घटनास्थल पर कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस व पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं।
मौके पर पहुंचे उतरौला नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अनूप चंद गुप्ता ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की है। पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अब्दुल मन्नान ने भी 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।