गोंडा। रकाबगंज स्थित शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में नगर पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद के खिलाफ नगर कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में पुलिस ने साजिश की धारा भी बढ़ा दी है। वहीं, उजमा के बाद अब कार्रवाई की जद में नगर पालिका के कर्मचारी भी आ गए हैं। विवेचक ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को नोटिस देकर रिकाॅर्ड तलब किए है। इससे माना जा रहा है कि शत्रु संपत्ति में किरायेदार के नाम में परिवर्तन करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
शहर के रकाबगंज स्थित शत्रु संपत्ति हड़पने के आरोप में सदर तहसील के सहायक रजिस्ट्रार ने नगर पालिका परिषद गोंडा की अध्यक्ष उजमा राशिद के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी उजमा को शुक्रवार को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने उजमा के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में साजिश की धारा बढ़ा दी है।
दरअसल, शत्रु संपत्ति के किरायेदार में बदलाव करने का अधिकार किसी को नहीं है। इसके बावजूद टैक्स असेसमेंट के दौरान मंजर हुसैन का नाम खारिज कर पालिका के रजिस्टर में उजमा निकहत का नाम दर्ज किया गया था। ऐसे में नगर पालिका के कुछ कर्मचारी भी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। मुकदमे के विवेचक एवं चौकी प्रभारी पांडेय बाजार बृजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज मुकदमे में साजिश की धारा बढ़ाई गई है। पालिका के संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
नगर पालिका परिषद में टैक्स असेसमेंट के दौरान मौके पर मिले मकान मालिक, किरायेदार व मकान नंबर वक्त के साथ बदलते रहे। कारण रहा कि टैक्स असेसमेंट टीम मकान, दुकान आदि में मौके पर मिले लोगों के नाम दर्ज करती रही है। वर्ष 1986-87 से वर्ष 1995-96 तक के लिए कराए गए टैक्स असेसमेंट के दौरान शत्रु संपत्ति में मंजर हुसैन, मुन्ना धोबी व चाय की दुकान दर्ज थी। इसके बाद वर्ष 1996-97 से 2000-01 तक मंजर हुसैन, मुन्ना धोबी व चाय व मिठाई की दुकान दर्ज थी। इसके बाद वर्ष 2001-02 से 2005-06 तक हुए टैक्स असेसमेंट के दौरान मंजर हुसैन का नाम खारिज कर उजमा निकहत पत्नी डॉ. राशिद इकबाल, मुन्ना धोबी व चाय की दुकान दर्ज थी। वर्ष 20006-07 से 2010-11 तक उजमा परवीन, राना राशिद पत्नी जावेद खां व रिजवान बेग के नाम दर्ज मिले।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र की आबादी में रहने वाले लोगों के मकान का पालिका प्रशासन सर्वे कराती है। सर्वे के दौरान घर में मौजूद मिले लोगों से पूछताछ के आधार पर पालिकाकर्मी टैक्स का असेसमेंट करते हैं। असेसमेंट के दौरान ही मकान में रहने वालों के नाम रिकार्ड में लाए जाते हैं। यह व्यवस्था सिर्फ टैक्स असेसमेंट के लिए ही है।
शत्रु संपत्ति हड़पने के आरोप में नगर पालिका अध्यक्ष उजमा राशिद की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को पालिका कार्यालय का माहौल बदला सा नजर आया। पुलिस कार्यालय के चक्कर लगा रही है। इससे कर्मचारी दहशत में हैं। दरअसल, मुकदमे में साजिश की धारा बढ़ने से कर्मचारी सहमे हैं। शनिवार सुबह कर्मचारी कार्यालय पहुंचे और अपने-अपने पटल पर काम शुरू किया। दोपहर तकरीबन 12 बजे कार्यालय में पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देख सवालों से बचने के लिए कई कर्मचारी कार्यालय से चुपचाप निकल गए। आगे क्या होगा... इसी को लेकर पूरे दिन कर्मचारियों में चर्चा होती रही।