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लोकायुक्त से मनरेगा में 54 लाख के अनियमित भुगतान की शिकायत

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मुजेहना (गोंडा)। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में अनियमितता के मामले थम नहीं रहे हैं। जिले स्तर से कई कार्रवाइयों और कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी मनरेगा में अनियमित भुगतान नहीं रुकरहा है। अब मुजेहना ब्लॉक के विशंभरपुर गांव का मामला लोकायुक्त के दरबार में पहुंचा है। गांव के लोगों ने पंचायत के साथ ही ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस पंचायत में बिना काम कराए ही 54 लाख रुपये का भुगतान लिए जाने का मामला सामने आया है।
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मुजेहना ब्लॉक में कई ग्राम पंचायतें अनियमित भुगतान के दायरे में हैं और जांच चल रही है। ग्राम पंचायत रैगांव में गांव के ही पूर्व प्रधान अनीस अहमद ने अनियमित भुगतान को लेकर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी गोंडा के यहां से आदेश जारी कराकर एफआईआर दर्ज कराई है। डीसी मनरेगा सहित सात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। अब ग्राम पंचायत विशंभरपुर के दर्जनों लोगों ने मुख्य विकास अधिकारी, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और लोकायुक्त उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर 54 लाख 23 हजार 654 रुपये के अनियमित भुगतान करने की शिकायत कर जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि तालाबों के सुंदरीकरण, खुदाई और मिट्टी पटाई के नाम पर बिना काम कराए ही भुगतान किया गया है। यही नहीं यहां पर तो बारिश के दौरान भी तालाब खुदाई किए जाने की शिकायत हुई है और इसका मामला भी सामने आया है।
बिना काम के तालाब खुदाई पर किए गए अनियमित भुगतान
मुजेहना के विशंभरपुर गांव में कई परियोजनाएं तैयार कर अनियमित भुगतान किए गए हैं। गांव के लोगों ने इंटरनेट से सारी रिपोर्ट भी हासिल की है। जिसमें बगाहवा तालाब की खुदाई के लिए 7 लाख 90 हजार 136 रुपये, पुरैनिया तालाब के लिए 13 लाख 29 हजार 620 रुपये, अतरिया तालाब के लिए 10 लाख 62 हजार 692, बंसी तालाब के लिए 10 लाख 59 हजार 873, कल्ला तालाब के लिए 4 लाख 41 हजार 974 रुपये, चौबे तालाब के लिए 2 लाख 8 हजार 446 रुपये, सेमराहवा तालाब के लिए 1 लाख 61 हजार 604 और लमुइया तालाब के लिए 47 हजार 910 की परियोजना तैयार की गई। आरोप है कि इन परियोजनाओं पर काम किए बिना ही भुगतान लिया गया है। इन धनराशियों में कच्चा पक्का दोनों आहरित धन शामिल है। तालाबों की खुदाई और सुंदरीकरण के लिए 51 लाख 2 हजार 255 रुपये खर्च किए गए हैं।
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मिट्टी का कार्य दिखाकर भी निकाला गया बजट
विशंभरपुर गांव में तालाब खुदाई के साथ ही कई अन्य कार्य भी तैयार करके बिना काम के बजट निकाला गया है। गांव में विजय तिवारी के घर से नहर पुलिया तक मिट्टी कटाई का काम दिखा कर 1 लाख 70 हजार 46 का भुगतान लिया गया है, लेकिन काम नहीं कराया गया है। मंदिर के पास सैनिटाइजेशन के लिए भी फर्जी तरीके से 89646 का भुगतान ले लिया गया है। तालाब खुदाई, मिट्टी पटाई के साथ ही सैनिटाइजेशन के नाम पर बजट मिलाकर 54 लाख 236 हजार रुपये का अनियमित भुगतान का मामला सामने आया है। इसके अलावा नहर पुलिया से सज्जाद अली के घर तक मिट्टी और खडंजा का काम दिखाकर 61 हजार 707 रुपये बिना काम कराए ही निकाल लिए गए हैं। गांव के जीवनलाल, लाला किशोर, शिवकुमार, वेद प्रकाश, हरिवंश आदि ने शिकायत करके मामले की जांच की मांग की है।
गांवों के कार्यों की निगरानी की जा रही है और ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी हो रही है। कहीं भी गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होती है। शिकायतों की जांच होगी, कोई कमी मिलने पर ही कार्रवाई होगी।
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-शेर बहादुर सिंह, खंड विकास अधिकारी मुजेहना
पंचायतों में विकास योजनाओं पर खर्च कार्य के आधार पर ही किया गया है। आरोप राजनीति से प्रेरित है आरोप निराधार हैं और कहीं कोई गड़बड़ी नही की गई है।
-श्यामकुमारी सिंह, प्रधान विशंभरपुर
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