गोंडा। बढ़ती सर्दी अब बीपी और डायबिटीज से पीड़ित मरीजों पर भारी पड़ने लगी है। इसका असर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दिख रहा है, जहां बीपी और शुगर जांच कराने वालों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के मेडिकल वार्ड में शनिवार को मौसम जनित बीमारियों के 13 मरीज भर्ती हैं।
फिजीशियन डॉ. शोएब इकबाल का कहना है कि तापमान गिरते ही खून की नसें सिकुड़ने लगती हैं और प्यास कम लगने से पानी का सेवन घट जाता है, जिससे रक्त गाढ़ा हो जाता है। इसके चलते रक्त का प्रवाह बाधित होता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने की आशंका भी कहीं ज्यादा हो जाती है। वहीं डायबिटीज को नियंत्रित न रखने से शर्करा का स्तर बढ़कर दिल के अलावा दिमाग पर भी प्रतिकूल असर डालता है। ओपीडी में 20 फीसदी मरीजों का इजाफा हुआ हैै।
मेडिकल कॉलेज में तैनात चेस्ट फिजीशियन डॉ. रमेश पांडेय का कहना है कि सर्दी के मौसम में शरीर से पसीना कम निकलता है और रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं। डायबिटीज में खून में शुगर की अधिकता से रक्त गाढ़ा हो जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में मरीजों को नियमित जांच करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह से दवा व खानपान पर पूरा ध्यान देना चाहिए।