गोंडा। ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही हृदय रोगियों की की संख्या भी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बढ़ने लगी है। बीते 24 घंटे में हार्टअटैक से दो लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में बीते चार सालों से मेडिकल कॉलेज में हृदयरोग विशेषज्ञ का पद खाली पड़ा होने से हृदय रोगियों को इलाज कराने में काफी परेशानी उठाना पड़ रही है।
बृहस्पतिवार शाम को झंझरी के काजीदेवर निवासी राजेंद्र प्रसाद दूबे (70) को सीने में दर्द की शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं पंड़री कृपाल के तिवारीपुरवा निवासी राजकुमार (67) को भी दिल का दौरा पड़ा। जिन्हें जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
ठंड के साथ ही बढ़ रही हृदय रोगियों की संख्या के बावजूद इनके इलाज के लिए मेकिल कॉलेज में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। 30 अप्रैल 2020 को हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. जीके सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद से कार्डियोलॉजिस्ट का पद किसी भी डॉक्टर की तैनाती न होने के कारण खाली पड़ा है। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का उपचार सामान्य फिजिशियन के भरोसे ही हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज में तैनात फिजिशियन डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हृदय रोगियों को अपनी सेहत का ध्यान खुद ही रखने की जरूरत है। इसके लिए बुजुर्ग दिल की बीमारी से जुड़ी दवाएं नियमित तौर पर लेने के साथ ही समय-समय पर अपनी जांच भी कराते रहना चाहिए। साथ ही उच्च कैलोरी वाले भोजन तथा शराब के सेवन से भी बचना चाहिए। ठंडे पानी की जगह गर्म पानी से स्नान करने के साथ ही नियमित व्यायाम भी काफी फायदेमंद होता है। बुखार या गले में खराश होने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए।
सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में मौजूद एमडी फिजिशियन व चेस्ट फिजिशियन के माध्यम से ही हृदय रोगियों का सामान्य उपचार किया जाता है। ऑपरेशन की जरूरत होने पर मरीजों को उच्च संस्थान के लिए रेफर कर दिया जाता।