गोंडा। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में सीएमओ कार्यालय के लिपिक को बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने आरोपी शशिकांत सिंह की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकलपीठ ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने बहराइच निवासी आशीष पांडेय की शिकायत पर जाल बिछाकर सीएमओ कार्यालय से ही लिपिक शशिकांत सिंह को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में 10 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि सेवानिवृत्त कर्मचारी की चिकित्सा प्रतिपूर्ति फाइल पास करने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी शशिकांत सिंह को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था।
आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाया गया है। कथित रिश्वत की बरामदगी संदिग्ध है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहा करने का आदेश दिया है।