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Gonda News: फाइलों में उलझ गई बिसुही नदी की सफाई

Mon, 26 May 2025 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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रुपईडीह (गोंडा)। बहराइच से निकलने वाली बिसुही नदी गोंडा की दो तहसीलों से हाेते हुए बस्ती के कुआनों तक करीब 132 किलोमीटर तक जाती है लेकिन, अतिक्रमण से यह सिकुड़ती जा रही है। इसके कारण बरसात के दिनों में सैकड़ों गांव के लोगों को बाढ़ का संकट झेलना पड़ता है। नदी के जीर्णोद्धार को लेकर काफी प्रयास किया गया लेकिन, पूरी कवायद फाइलों में ही उलझकर रह गई।
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बिसुही नदी जिले के वीरपुरभोज, अनंतपुर, भुड़कुड़ी, भुलईडीह, गौनरिया, कुरासी, सरहरा गांव होते हुए इटियाथोक, मुजेहना, मनकापुर, बभनजोत ब्लॉक के दर्जनों गांव से होती हुई बस्ती जिले के परशुरामपुर विकास खंड से आगे 12 किलोमीटर चलकर कुआनों नदी में समाहित हो जाती है। इसकी लंबाई 132 किलोमीटर है।
नदी की साफ-सफाई के लिए प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन पुल के दोनों तरफ 400-500 मीटर सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर धनराशि खर्च कर ली जाती है। सफाई न होने से जहां नदी की जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है, वहीं बरसात के समय पानी न निकलने से उल्टी धारा बहने लगती है। इससे सैकड़ों गांव के अंदर पानी घुस जाता है और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के सहायक अभियंता चतुर्थ मनोज वर्मा ने कहा कि करीब चार पहले योजना तैयार की गई थी लेकिन, एनओसी न मिलने के कारण काम नहीं हो सका। एक बार फिर अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की जा रही है। (संवाद)
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तीन बालकों की हो गई थी मौत


28 जुलाई 2021 को भोलाजोत के भयापुरवा गांव के पास पचुर्खीमनोहरजोत के आनंद कुमार मिश्र (11), महेश यादव (8), विक्रांता वर्मा (12) की डूबने से मौत हो गई थी। वर्ष 2021 में ही अक्तूबर महीने में बिसुही नदी का पानी आगे न निकलने से धारा उल्टी बहने लगी। इससे आर्यनगर खरगूपुर मार्ग के ऊपर बहने लगा था। उस वक्त तत्कालीन सीडीओ आशीष कुमार ने कहा था कि जनपद के जिस-जिस गांव से होकर बिसुही नदी निकलती है, उन गांवोंं के ग्राम प्रधान व सचिव मनरेगा से सफाई कराएं।


बोले ग्रामीण- नदी की सफाई जरूरी
सुरेश कुमार पांडेय का कहना है कि बिसुही नदी की साफ-सफाई जरूरी है। इसको लेकर प्रयास किया जाना चाहिए। गोली दूबे का कहना है कि नदी की सफाई के लिए अफसरों व नेताओं को पहले बनी योजना पर काम करना चाहिए। मून पाठक का कहना है कि बाढ़ से बचाव व नदी के संरक्षण के लिए प्रयास किया जाए। अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि पहले बनी योजना को धरातल पर उतारा जाए।
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