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Gonda News: वारंट के तामीला में देरी पर नगर कोतवाल को चेतावनी

Sat, 26 Sep 2026 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। न्यायालय से जारी गैर जमानतीय वारंट की तामीला की रिपोर्ट समय से नहीं देने पर कोतवाली नगर के प्रभारी को अदालत की नाराजगी का सामना करना पड़ा। एडीजे/द्रुतगामी न्यायालय प्रथम/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) मनोज कुमार ने मामले में प्रकीर्ण फौजदारी वाद दर्ज कर कोतवाली प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा था।
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स्पष्टीकरण और पत्रावली देखने के बाद अदालत ने जानबूझकर लापरवाही किए जाने का साक्ष्य न मिलने पर कोई दंडात्मक कार्यवाही नहीं की। हालांकि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर कार्यवाही की चेतावनी दी है।
मामला राज्य बनाम राहुल सिंह आदि से जुड़ा है। इसमें आरोपी राहुल सिंह निवासी फरदा सुमेरपुर थाना पयागपुर, बहराइच के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी हुआ था।
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वारंट का तामीला और धारा 82 की कार्यवाही से संबंधित रिपोर्ट समय से अदालत में नहीं पहुंची। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने कोतवाली नगर के प्रभारी के खिलाफ प्रकीर्ण फौजदारी वाद दर्ज किया था।
कोतवाल ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि विभागीय व्यस्तता के कारण वारंट की तामीला समय से नहीं हो सका। बाद में आरोपी के खिलाफ दूसरे मुकदमे में जारी वारंट के अनुपालन के लिए उपनिरीक्षक सभाजीत राय को विशेष वाहक बनाकर भेजा गया। संबंधित थाने से जानकारी करने पर पता चला कि राहुल सिंह बहराइच के पयागपुर थाने में दर्ज आयुध अधिनियम के मुकदमे में जिला कारागार बहराइच में निरुद्ध है। इसके बाद वारंट को अदम तामीला की रिपोर्ट के साथ अदालत भेज दिया गया।
अदालत ने कहा कि तामीला की सूचना समय से नहीं देना शिथिलता है लेकिन रिकॉर्ड में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि थाना प्रभारी ने जानबूझकर या दुर्भावना से ऐसा किया। आरोपी के जेल में निरुद्ध होने की जानकारी के बाद वारंट की रिपोर्ट अदालत को भेजने को भी कोर्ट ने तामीला के लिए किए गए प्रयास के रूप में माना। अदालत ने कोतवाली नगर के प्रभारी को चेतावनी देते हुए वाद निस्तारित कर दिया।
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