नवाबगंज के डीएवी इंटर कॉलेज में आर्य समाज के वार्षिकोत्सव में आत्मरक्षा की कला प्रदर्शित करत
नवाबगंज। आर्य समाज के 99वें वार्षिकोत्सव में शुक्रवार को बच्चों ने लाठी, भाला और तलवार सहित पारंपरिक शस्त्र संचालन का प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डीएवी इंटर कॉलेज परिसर में सुबह कार्यक्रम की शुरुआत वृहद यज्ञ की पूर्णाहुति से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर समाज कल्याण, शांति और राष्ट्र उत्थान की कामना की।
ऋषि दयानंद सम्मेलन में विभिन्न प्रदेशों से आए आचार्यों और विद्वानों ने अपने विचार रखे। बदायूं के आचार्य सजीव रूप आर्य ने कहा कि मनुष्य जीवन ईश्वर का अनमोल वरदान है, जिसे सत्कर्म और सत्य मार्ग में लगाकर ही सार्थक बनाया जा सकता है। पीलीभीत की शशिकला आर्य ने युवा पीढ़ी से ऋषि दयानंद के सिद्धांत अपनाने का आह्वान किया। डॉ. श्रुतिकीर्ति वेदरत्न ने कहा कि वेद मानव जीवन के समग्र विकास का मूल स्रोत हैं।
योग शिक्षक धर्मवीर आर्य और उनकी शिष्याओं द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थियों ने योग, व्यायाम और आत्मरक्षा की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। संचालन सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, शैलेंद्र आर्य और कॉलेज के शिक्षकों ने किया। (संवाद)