परिषदीय स्कूल में डेस्क-बेंच पर पढ़ाई करते बच्चे। स्रोत: विभाग
गोंडा। जिले के उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को सुविधा देने के लिए डेस्क-बेंच की आपूर्ति की गई है। वहीं, डीएम प्रियंका निरंजन ने संबंधित क्षेत्र के बीईओ व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता से सत्यापन कर 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद जहां अभी तक डेस्क बेंच की सुविधा नहीं है, वहां भी आपूर्ति की जाएगी।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सुविधा देने के लिए नगर क्षेत्र को मिलाकर कुल 16 शिक्षा क्षेत्रों के 564 विद्यालय में 19,759 डेस्क-बेंच की आपूर्ति की गई। जबकि नवाबगंज ब्लॉक के स्कूलों को डिमांड नहीं भेजी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि कुल 16.70 करोड़ रुपये की लागत से खरीद की गई। जिला समन्वयक (निर्माण) विद्या भूषण मिश्र ने बताया कि लक्षित सभी विद्यालयों में डेस्क-बेंच की आपूर्ति की गई। इससे उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को निजी स्कूलों से बेहतर सुविधा मिलेगी। बच्चों को अब टाट-पट्टी व जमीन पर नहीं बैठना पड़ेगा। आपूर्ति के बाद डीएम प्रियंका निरंजन ने संबंधित क्षेत्र के खंडशिक्षाधिकारी व आरईडी के अवर अभियंता से सत्यापन करके 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने बताया कि सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं, बाकी स्कूलों को जल्द ही आपूर्ति की जाएगी।
डेस्क-बेंच मिलने से बच्चों को हुई सहूलियत
उच्च प्राथमिक विद्यालय धानेपुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक हरि प्रसाद वर्मा ने बताया कि उनके विद्यालय में 210 बच्चे नामांकित हैं। वहीं, कक्षा छह में ही 112 बच्चे नामांकित हैं। मगर उनके पास डेस्क-बेंच की सुविधा नहीं है। उन्होंने बताया कि डिमांड की गई थी। हालांकि विद्यालय में डेस्क बेंच की आपूर्ति नहीं हो सकी है। कंपोजिट विद्यालय लोहंगपुरडीहा के प्रधानाध्यापक अनूप कुमार पांडेय ने बताया कि उनके विद्यालय में 135 बच्चे नामांकित हैं। विद्यालय में 38 बेंच की आपूर्ति से बच्चों को सहूलियत मिली है।