रुपईडीह के बहलोलपुर में जर्जर विद्यालय भवन। - संवाद
रुपईडीह। इटियाथोक के कंपोजिट विद्यालय बहलोलपुर में आठ कमरों की जगह मात्र तीन कमरों में कक्षा एक से आठ तक के 166 बच्चों को पढ़ाई करनी पड़ रही है। जगह की कमी के कारण बच्चों को पठन-पाठन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय नियमों के अनुसार प्रत्येक कक्षा के लिए एक कमरा होना चाहिए। कक्षा में 35 से अधिक बच्चे होने पर उन्हें दूसरे कमरे में बैठाने का नियम है। ग्राम की प्रशासक मंजू देवी ने बताया कि दो साल पहले विभागीय इंजीनियर ने पुराने विद्यालय भवन को जर्जर घोषित कर दिया था। इसके बाद से खतरे को देखते हुए वहां बच्चों को नहीं बैठाया जा रहा है।
जरूरत के अनुसार कमरे उपलब्ध न होने के कारण केवल तीन कमरों में एकसाथ दो-दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर किसी तरह शिक्षण कार्य किया जा रहा है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक रंजना तिवारी के साथ ही सहायक अध्यापक विनीता पाठक, आशुतोष द्विवेदी, मोहम्मद हस्सान, अनामिका श्रीवास्तव, जूही कमल तथा अनुदेशक माधुरी शर्मा व पवन शुक्ल तैनात हैं। प्रशासक ने डीएम और बीएसए को पत्र भेजकर जर्जर भवन को ढहाने व बच्चों के लिए यथाशीघ्र नए भवन के निर्माण की मांग की है।
बीईओ गीतांजलि ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में नियमानुसार यथाशीघ्र समुचित कार्रवाई की जाएगी।