सरकारी व निजी स्कूलों के साथ मान्यता प्राप्त मदरसों में अब छात्रों का फर्जी नामांकन नहीं हो सकेगा। केंद्र सरकार ने इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया है। सर्व शिक्षा अभियान अब इन स्कूलों में चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने जा रहा है।
इस सिस्टम के जरिए कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के छात्रों का पूरा शैक्षिक रिकार्ड समेत पूरा विवरण यू डायस के जरिए ऑनलाइन होगा। इसके साथ ही इस रिकार्ड को छात्र के आधार कार्ड सें भी लिंक कराया जाएगा। छात्रों के नामांकन में होने वाले इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सर्व शिक्षा अभियान ने सभी विद्यालयों से छात्रों की सूचना अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
वर्तमान समय में जिले में कक्षा 1 से कक्षा 8 तक 6.63 लाख व कक्षा 9 से कक्ष्र्रा 12 तक करीब 2 लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन छात्रों की संख्यात्मक सूचना जिले के एकीकृत सूचना प्रणाली पर दर्ज है। अब तक सरकारी स्कूलों, मान्यता प्राप्त स्कूलों व मदरसों के छात्रों की संख्या सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली पर फीड की जाती रही है।
लेकिन इन सरकारी स्कूलों के साथ मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों व मदरसों में अक्सर छात्रों के फर्जी नामांकन की शिकायतें आती रहती हैं। कभी-कभी तो एक ही छात्र का नामांकन एक के बजाय दो-दो स्कूलों में कर दिया जाता है।
इस फर्जी नामांकन के पीछे सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेना ही इसका असली मकसद होता है। कभी अभिभावकों के दबाव में तो कभी शिक्षक खुद के फायदे के लिए स्कूलों में छात्र-छात्राओं का फर्जी नामांकन कर लेते हैं। जिससे सरकार की योजनाओं का लाभ सही छात्र को मिलने के बजाय गलत लोगों को मिल जाता है।
इसके अलावा छात्रों की वास्तविक संख्या का भी पता नहीं चल पाता। नामांकन में होने वाले इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केंद्र सरकार चाइल्ड ट्रैकिंग स्स्टिम लागू करने जा रही है। सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली यू डायस पर छात्रों के शैक्षिक रिकार्डों समेत उनका पूरा विवरण एक पोर्टल पर फीड किया जाना है।
इसके साथ ही छात्रों के इस विवरण को आधार कार्ड के साथ लिंक कराया जाना है। आधार कार्ड लिंक होजाने के बाद नामांकन में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। इसके अलावा छात्रवृत्ति समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं में होने वाले गड़बड़ियों पर भी रोक लग जाएगी।