विकासखंड बेलसर के परसदा गांव में मंगलवार को बिजली से हुए हादसे ने एक परिवार के घर का इकलौता चिराग बुझा दिया। गांव में बिजली का करंट लगने से जहां रोडवेज में कंडक्टर सर्वेश शुक्ला के इकलौते बेटे की मौत हो गई तो वहीं उसे बचाने के लिए दौड़े उसके चाचा व दादी भी करंट लगने से झुलस गए, जिन्हें एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।
परसदा गांव में रहने वाले सर्वेश शुक्ला गोरखपुर परिवहन निगम में संविदा के तहत कंडक्टर पद पर कार्यरत हैं। मंगलवार को उनका बेटा अमरकांत (10) घर के बाहर खेल रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक सुबह करीब 11 बजे तेज गर्मी पड़ने पर वह घर के भीतर गया और घर में लगे उस पंखे को चालू करने लगा, जो काफी दिनों से खराब पड़ा था।
बताते हैं कि पंखे का तार बिजली के प्लग में पहले से लगा था, जिसमें करंट आ रहा था। अमरकांत ने जैसे ही पंखे के तार में लपेटे टेप को हटाया कि बिजली के करंट ने उसे चपेट में ले लिया।
घर वालों ने जब अमरकांत को पंखे में चिपका देखा तो उसके चाचा हर्ष व दादी उसे बचाने के लिए दौड़ पड़े और वह भी करंट की चपेट में आ गए। हालांकि इसी बीच घर के अन्य लोगों ने पंखे का तार बिजली के प्लग से निकाल दिया, जिससे चाचा हर्ष व दादी तो हादसे में मामूली रूप से झुलसे, लेकिन अमरकांत के ज्यादा देर तक पंखे से चिपके रहने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सर्वेश शुक्ला के परिवार में अमरकांत तीन बेटियों में इकलौता बेटा था। वहीं हादसे में झुलसे अमरकांत के चाचा हर्ष व दादी को एक निजी अस्पताल में घर वालों ने भर्ती कराया है।
शुकुलगंज बिजली घर के अवर अभियंता अनीश पांडेय ने बताया कि उन्हें अभी घटना के संबंध में कोई सूचना लाइनमैनों से नहीं मिली है। लेकिन अगर ऐसा हुआ है तो इसे जरूर दिखवाया जाएगा।