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तीन माह में विधि सम्मत निर्णय लें प्रमुख सचिव : हाईकोर्ट

Tue, 14 Jan 2025 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। वर्ष 1996 से संचालित बालिका विद्यालय को राज्य सरकार की अनुदान सहायता सूची में शामिल करने का मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। उच्च न्यायालय ने आवेदन पर विचार करते हुए शीघ्रता से विधि सम्मत निर्णय लेने का आदेश प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा दिया है।
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करनैलगंज तहसील क्षेत्र में ग्राम मरचौर के चौहान पुरवा स्थित गुरुदेव बाल शिक्षा निकेतन राज किशोरी माधवी बालिका विद्यालय की प्रबंधक माधवी सिंह ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को पक्षकार बनाते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की थी।
उन्होंने कहा कि उनका विद्यालय बेटियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है और बेसिक शिक्षा विभाग से उसे स्थायी मान्यता मिली है। सात सितंबर 2006 को जारी शासनादेश के अनुपालन में साल 1999 में मान्यता प्राप्त विद्यालयों को राज्य सरकार द्वारा वेतन भुगतान अधिनियम के तहत अनुदान सहायता सूची में शामिल कर लिया गया, लेकिन 27 नवंबर 1996 में ही मान्यता प्राप्त उनके विद्यालय को सूची में शामिल नहीं किया गया।
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संस्था के आवेदन पर अधिकारियों ने विचार नहीं किया तो माधवी सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और विद्यालय को भी राज्य सरकार की अनुदान सहायता सूची में शामिल करने की मांग की। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मनीष माथुर ने याची के कथन, मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों पर विचार करते हुए अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को प्रत्यावेदन पर तीन माह के अंदर शीघ्रता से विधि सम्मत निर्णय लेने का आदेश दिया है।
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