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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के बड़ों में तेज हुए दांवपेंच

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गोंडा। जिले की सबसे महत्वपूर्ण जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के भविष्य को लेकर जोर आजमाइश तेज हो गई है। 65 सदस्यों वाले पंचायतों में अध्यक्ष चुने जाने के लिए 33 का आंकड़ा जुटाने में बड़े स्तर पर दांवपेंच शुरू हो गया है।
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फिलहाल समय के साथ ही अध्यक्ष के भविष्य से पर्दा पर भी हटता दिख रहा है। अब भाजपा के दोनो सांसदों के पैंतरों पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। सियासी गलियारों में कई नामों का रंग चटख हो रहा है और दोनों सांसदों की दिल्ली दौड़ की चर्चा तेज हो गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव अभी भले ही जून में होने की संभावना है लेकिन नूरा कुश्ती तेज हो गई है। भाजपा में वैसे तो तीन नामों पर कई बार विचार हो चुका है लेकिन दोनों सांसदों की पसंद पर आकर मामला अटक गया है।
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बताया जा रहा है कि सांसद कीर्तिवर्धन सिंह एक बार फिर सक्रिय दिख रहे हैं और उनके करीबी शिक्षक जनार्दन प्रसाद वर्मा का नाम चर्चाओं में दिख रहा है। वह मनकापुर से ही जिला पंचायत सदस्य हैं। वहीं पंचायत की सियासत में परिणाम देने के लिए चर्चित कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी महेंद्र सिंह का नाम भी चर्चा में हैं।
वह भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं और उनकी चर्चा उनकी व्यवहार कुशलता के कारण भी अधिक है। लोगों को उन पर ज्यादा भरोसा होते दिख रहा है। फिलहाल भाजपा की ओर से अभी तक किसी नाम का ऐलान नही किया गया है।
अब सवाल यह भी उठता है कि नाम तय होने के बाद क्या दोनों सांसद पार्टी के साथ खड़े होंगे। फिलहाल तो उम्मीद नहीं दिख रही है, वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर सपा के नेताओं की निगाहें टिकी हुई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के भविष्य पर भले ही फैसला दो सांसदों के निर्णय पर टिकी है। लेकिन हर स्तर से भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी अपने पाले में लाने की पूरी कोशिश कर रही है, कारण यह पद उसके लिए प्रतिष्ठा से जुड़ा है।
भाजपा की ओर से नाम पर फैसला लेना अभी आसान नही दिख रहा है और इससे ही अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पार्टी पूरी तरह आश्वस्त नही है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर गौर करें तो बिना कैसरगंज सांसद के सहयोग के जीत मिलना इतना आसान नही है। अब पार्टी के सामने सभी नेताओं को एकजुट कर पाना भी मुश्किल दिख रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जिला पंचायत सदस्य चुनाव के दौरान ही रणनीति तैयार हुई थी। गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या के समर्थन से मनकापुर चतुर्थ से भाजपा के पूर्व अध्यक्ष पीयूष मिश्र को सदस्य का चुनाव मैदान में उतारा गया था।
उनकी हार के बाद यह माना जा रहा था कि अब गोंडा के सांसद शायद चुप्पी साध लेंगे। लेकिन अचानक वह फिर मैदान में आ गए हैं और सक्रिय हो गए हैं। इससे तनातनी बढ़ गई है। फिलहाल बड़ों की रार से जिला पंचायत सदस्यों के चेहरे खिले हैं।
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