गोंडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने केंद्र निर्धारण नीति में परिवर्तन किया है। बोर्ड ने केंद्र तय करने के लिए 25 नवंबर 2020 को जारी अपनी ही नीति को परिवर्तित कर दिया। पहले कोरोना को देखते हुए अधिक केंद्र तय करने की व्यवस्था बनाई जा रही थी। अब पिछले साल के मुकाबले दस फीसदी से अधिक केंद्र नहीं बढ़ाए जाएंगे। अभी तक कोरोना संकट के चलते केंद्रों पर कम छात्रों की परीक्षा कराने की व्यवस्था तय की गई थी, इससे अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाने की संभावना थी। शुक्रवार को नया आदेश आने से तय हो गया है कि अब दस से 12 केंद्र ही पिछले साल से अधिक बढ़ पाएंगे।
विभाग के इस नए निर्णय से 100 से अधिक कालेजों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। परीक्षा में केंद्र की संख्या बढ़ने न पाए इसलिए नीति में संशोधन कर दिया है। 25 नवंबर को कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर जारी नीति के अनुसार एक कमरे में औसतन 14 बच्चों के बैठने की व्यवस्था किए जाने का आदेश दिया था। अब एक कमरे में 23 परीक्षार्थी बैठ सकेंगे। पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक केंद्र नहीं बनाने के निर्देश विभाग को शासन से मिले हैं। पिछले साल 2020 की बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 83471 परीक्षार्थी थे। हाईस्कूल के 45457 और इंटरमीडिएट के 38414 परीक्षार्थियों की परीक्षा के लिए 122 परीक्षा केंद्र बनाये गए थे।
उस समय जिले को 5 जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया था। अब 2021 की बोर्ड परीक्षा के लिए नया आदेश जारी हुआ है तो उसके हिसाब से केंद्रों की संख्या अधिक नहीं हो सकेगी। अभी तक पहले जारी नीति में प्रत्येक परीक्षार्थी के लिए 36 वर्गफीट (3.34 वर्गमीटर) का क्षेत्रफल निर्धारित था। अब प्रत्येक परीक्षार्थी के बीच 6 वर्गफीट की दूरी का मानक रखा गया है। अब प्रत्येक परीक्षार्थी को 25 वर्गफीट (2.32 वर्गमीटर) स्थान मिलेगा। पूर्व के वर्षों में एक कमरे में 26 बच्चों के बैठने का इंतजाम रहता था। इसलिए संशोधित नीति के कारण परीक्षा केंद्र अधिक नहीं बढ़ने पाएगी। 25 नवंबर 2020 को जारी नीति में न्यूनतम 150 और अधिकतम 800 परीक्षार्थियों के लिए केंद्र निर्धारित करने की बात थी। लेकिन अब तक न्यूनतम 250 और अधिकतम 1200 छात्रों के बैठने का नियम लागू किया गया है।
पहले प्रत्येक पाली में जहां अधिकतम 400 बच्चे बैठ सकते थे वहीं अब एक पाली में अधिकतम 600 बच्चों को एक स्कूल में परीक्षा दिलाई जा सकेगी। इससे बड़े स्कूलों की धारण क्षमता का समुचित उपयोग हो सकेगा। इस तरह जिले में इस बार 12 से अधिक केंद्र नहीं बढ़ पाएंगे। इस बार बोर्ड परीक्षा 2021 में 84721 परीक्षार्थी शामिल होंगे। 483 माध्यमिक विद्यालयों में से ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। इन पर 84721 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिसमें 47398 छात्रों ने दसवीं में पंजीकरण कराया है। 37323 विद्यार्थियों का बारहवीं में पंजीकरण है। ऐसे में नए नियमों के लागू होने से अब बोर्ड परीक्षा के केंद्र अधिक नहीं बढ़ पाएंगे।
मंडल के कॉलेजों में बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा 3 से
गोंडा। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं 3 से 22 फरवरी तक दो चरणों में कराई जाएंगी। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। देवीपाटन मंडल के जिलों के कॉलेजों में पहले चरण में शामिल किया गया है। पहले चरण में 3 से 12 फरवरी तक मंडल के कालेजों में प्रायोगिक परीक्षाएं हो जाएंगी। इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी रेगुलर व प्राइवेट परीक्षार्थियों की अनिवार्य विषय नैतिक योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य कराएंगे। हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाएं पिछले साल की तरह विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) के आधार पर कराई जाएगी। हाईस्कूल के व्यक्तिगत परीक्षार्थी अपने अग्रसारण केन्द्र के प्रधानाचार्य से संपर्क कर प्रयोगात्मक परीक्षा में सम्मिलित होंगे।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में बायोमेट्रिक सिस्टम से होगी हाजिरी
सीबीएसई 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षा चार मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी। 10 जुलाई तक नतीजे घोषित करने तैयारी है। सीबीएसई ने कोरोना गाइड लाइन का ध्यान रखते हुए परीक्षा कराने का निर्देश दिया है। बोर्ड की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक मार्च से शुरू हो रही हैं। सीबीएसई ने टाइम टेबल के साथ प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि जारी कर दी है। परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए छात्रों की बायोमेट्रिक हाजिरी होगी, यह प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में स्कूलों में भी उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जा सकता है। बोर्ड पहले इस व्यवस्था को प्रायोगिक तौर पर 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में लागू करेगा।