गोंडा। जिले में अपराधियों की पहचान और घटनाओं के खुलासे के लिए मिशन दृष्टि के तहत लगवाए गए करीब 2000 सीसीटीवी कैमरों की पुलिस जांच कराएगी। तीन साल पहले जिले के 17 थाना क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर लगवाए गए इन कैमरों की मौजूदा स्थिति देखी जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि कितने कैमरे चालू हैं और कितने खराब।
पुलिस के अनुसार, जिले में चौराहों, प्रमुख बाजारों, संपर्क मार्गों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। इन कैमरों का उद्देश्य आपराधिक घटनाओं के बाद संदिग्धों की गतिविधियों और उनके आवागमन की पहचान करना है। हाल के दिनों में हुई कई घटनाओं में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया है।
हालांकि, तीन साल बाद कई स्थानों पर कैमरे खराब होने की जानकारी सामने आई है। कुछ कैमरों के लेंस पर धूल जमने से तस्वीर साफ नहीं आ रही है। इससे घटना के बाद फुटेज से बदमाशों की पहचान करने में पुलिस को परेशानी होती है। अब सभी थाना क्षेत्रों में कैमरों की स्थिति की जांच कराकर खराब कैमरों को दुरुस्त कराने और धूल से ढके लेंस की सफाई कराने की तैयारी है। साथ ही नए कैमरे लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया कि सभी कैमरों की जांच कराई जाएगी। खराब कैमरों को बदलने के साथ ही जिन कैमरों पर धूल जमी है, उन्हें साफ कराया जाएगा।