अनाज घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम सोमवार को सुबह गोंडा पहुंचेगी। इस बार सीबीआई टीम ग्राम प्रधानों, बीपीएल व अन्त्योदय योजना के लाभार्थियों के बयान दर्ज करेगी। इसके अलावा टीम उचित दर दुकानदारों के फाइनेंसरों व कालाबाजारी में गरीबों के अनाज की खरीद करने वाले बड़े व्यापारियों की टोह लेगी। टीम के अधिकारी अनाज घोटाले से जुड़े लोगों के मददगारों की भी पड़ताल करेगी।
जिले के चर्चित अनाज घोटाले में वर्ष 2004 से 2006 में अन्त्योदय व बीपीएल कार्डधारकों के हिस्से के अनाज को उन्हें बांटने के बजाय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़ी फर्मों व बड़े व्यापारियों को बेच दिया गया था। जांच में इस बात का खुलासा हो चुका है। शुरूआती दौर में इस मामले की जांच जिले की पुलिस के अलावा ईओडब्ल्यू व एसआईटी को दी गई। लेकिन जांच बेनतीजा निकला।
इन एजेसिंयों का कहना था कि अनाज को अधिकारियों व सफेदपोश लोगों के संरक्षण में बंगलादेश भेज दिया गया। मामले की सीबीआई जांच में परत दर परत गुत्थियां खुलती जा रही हैं। जिले में अनाज घोटाले की जांच कर रही सीबीआई अब तक 9 ब्लाकों की जांच पूरी कर चुकी है।
अब टीम ने बेलसर व रुईडीह ब्लॉक की जांच शुरू की है। इसमें टीम सबसे पहले बीपीएल व अन्त्योदय कार्डधारकों का बयान दर्ज कर यह जानने की कोशिश करेगी कि अनाज का वितरण हुआ कि नहीं। 25 जुलाई से 29 जुलाई तक सीबीआई टीम के अधिकारी डीएसओ दफ्तर में बेलसर व रुपईडीह ब्लॉक के लाभार्थियों का बयान दर्ज करेंगे। इ
सके साथ टीम ग्राम प्रधानों से खाद्यान्न वितरण किये जाने के बाबत जानकारी लेगी। जांच करने आ रही सीबीआई टीम के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि टीम जांच में एक साथ कई स्तर पर कार्य करती है। जिला पूर्ति विभाग के मुताबिक सीबीआई अफसर जावेद अख्तर अली की अगुवाई में गोंडा आ रही सीबीआई टीम भोर में ही डीएसओ दफ्तर पहुंच जाएगी। सीबीआई के निर्देश पर आपूर्ति विभाग की ओर से सीबीआई टीम के सामने रुपईडीह व बेलसर के प्रधानों, बीपीएल व अन्त्योदय कार्डधारकों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।