जिले के चर्चित अनाज घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम सात नवंबर को जांच के लिए एक बार फिर गोंडा आ रही है। जांच टीम इस बार वजीरगंज, कटरा बाजार व इटियाथोक ब्लॉक के अना उठान व वितरण की जांच करेगी। जांच टीम डीएसओ कार्यालय पर पांच दिन तक डेरा डाल कर तीनो ब्लॉक के बीपीएल व अन्त्योदय कार्डधारकों का बयान दर्ज करने के साथ ग्राम प्रधान व उचित दर विक्रेताओं से पूछताछ करेगी।
जिले में वर्ष 2004 से 2006 तक अनाज वितरण में घपला हुआ था। जिले भर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल व अंत्योदय लाभार्थियों में बंटने वाले कई करोड़ रुपये के अनाज को कालाबाजारी में खुले बाजार में बेच दिया गया।
इसमें उचित दर विक्रेताओं के अलावा विभाग के अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अनाज माफियाओं के सिंडीकेट ने बड़ा घोटाला किया। इस खेल में भ्रष्ट कोटेदारों के फाइनेंसरों ने ट्रांसपोर्टरों से मिलकर केंद्रीय भंडार गृह से अनाज को ब्लॉक गोदाम न पहु़ंचाकर गल्ला व्यापारियों की गोदाम पहुंचा दिया।
यही नही जो ब्लॉक गोदाम से अनाज उठा, उसका अधिकतर हिस्सा कोटेदारों की दुकान पर न पहुंच कर रास्ते से ही कालाबाजारी में भेजा गया। सीबीआई की जांच में अब तक इस तरह का मामला सामने आ चुका है। चार माह पूर्व सीबीआई के अफसर जावेद अख्तर की अगुवाई में जांच टीम गोंडा आयी थी। इस मामले में अब सीबीआई के पुलिस निरीक्षक सभाजीत चौहान की अगुवाई में जांच टीम सात नवंबर को भोर में गोंडा आ रही है।
सीबीआई अफसर सभाजीत चौहान ने इस मामले में कटराबाजार, इटियाथोक व वजीर गंज के खंड विकास अधिकारियों व जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे जांच के लिए लाभार्थियों को डीएसओ कार्यालय में सात से 11 नवंबर तक पहुंच कर बयान दर्ज कराएं।
इसके अलावा साथ जरूरी अभिलेख मुहैया कराएं। सूत्रों का कहना है कि जांच की जद में एक दर्जन गल्ला कारोबारियों का आना तय है। वहीं, डीएसओ वीके शुक्ला ने कहा कि अनाज घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम गोंडा आ रही है।
टीम के अधिकारी वजीरगंज, कटराबाजार व इटियाथोक के बीपीएल व अंत्योदय लाभार्थियों का बयान दर्ज करेंगे। इसके लिए उचित दर विक्रेता के जरिये सभी लाभार्थियों के बयान दर्ज करने के लिए कार्यालय पर बुलाया गया है।