गोंडा। अनाज घोटाले की जांच सीबीसीआईडी ने जिले में शुरू कर दिया है। छह ब्लाक जांच के दायरे में फंसे हैं। मंगलवार को सीबीसीआईडी के निरीक्षक राकेश कुमार यादव ने आपूर्ति कार्यालय पहुंच कर साल 2018 में हुए घपले की जानकारी लिया। उन्होंने फिलहाल वजीरगंज व तरबगंज के कोटेदारों के नाम, पते व मोबाइल नंबर हासिल किए हैं।
साल 2018 में वजीरगंज में पकड़े गए अनाज की जांच कर रही सीबीसीआइडी का शिकंजा कसता जा रहा है। जांच में अफसरों का बयान दर्ज कराने साथ ही अनाज की ढुलाई करने वाले ठेकेदार व ट्रक चालकों से भी पूछताछ के लिए जानकारी एकत्र किया था।
अनाज कहां से उठाया, कहां पर स्टॉक किया। इन तमाम बिदुओं पर फाइलें खंगाली थी और जांच टीम ने पूर्ति व विपणन विभाग से अनाज उठान करने वाले ठेकेदारों व ट्रक चालकों के नाम, पते व मोबाइल नंबर हासिल किए थे। इसके बाद बुधवार को टीम ने तरबगंज व वजीरगंज ब्लाक के कोटेदारों के बारे में जानकारी हासिल किया है।
मई 2018 में छापेमारी के दौरान वजीरगंज ब्लॉक के एक निजी गोदाम में करीब आठ हजार बोरी गेहूं व चावल बरामद किया गया था। वजीरगंज थाने में मुकदमा हुआ। बाद में इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। क्राइम ब्रांच ने आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया और आरोपित जेल भेजे गए।
बाद में विवेचना सीबीसीआइडी को सौंप दी गई। बरामद किए गए अनाज की नीलामी भी कर दी गई लेकिन, अनाज किसका है और कहां से आया इसका पता जांच एजेंसियों नहीं लगा सकी। सीबीसीआइडी अभी तक पूर्ति व विपणन विभाग के अधिकारियों के ही बयान दर्ज करने के साथ ही भारतीय खाद्य निगम गोदाम से ब्लॉक गोदाम तक अनाज ढुलाई का ठेका लेने वालों की जानकारी किया था।
छापेमारी के दौरान बरामद हुए अनाज छह ब्लाकों के बताए जा रहे हैं। इससे वह सभी ब्लाक जांच के दायरे में हैं। जिले के छह ब्लॉक से साल 2018 में अप्रैल व मई माह में 87 ट्रकों से 27296 बोरी अनाज वजीरगंज कालाबाजारी के लिए भेज दिया गया था।
अप्रैल व मई में आवंटित अनाज में से झंझरी ब्लॉक से 16 ट्रकों से 4724 बोरी, मुजेहना छह ट्रकों से 1802 बोरी, वजीरगंज 30 ट्रकों से 8815 बोरी, बभनजोत 15 ट्रकों से 4500 बोरी व इटियाथोक ब्लॉक से 14 ट्रकों से 3680 बोरी अनाज वजीरगंज के उक्त निजी गोदामों में भेजा गया था।
छह ब्लॉकों से 87 ट्रकों के माध्यम से 27296 बोरी अनाज वजीरगंज के निजी गोदामों में कालाबाजारी के लिए भेजा गया था। अब सीबीसीआईडी मामले की तह तक जाने में जुटी है।