नगर के सिविल लाइंस मोहल्ले में बीते 12 अक्टूबर को सरेशाम भ्रष्टाचार विरोधी सेना के प्रदेश अध्यक्ष व कांग्रेस कार्यकर्ता उमेश प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी है। गुरुवार को बलरामपुर पहुंची जांच टीम के सदस्यों ने मृतक की पत्नी का बयान दर्ज किया है।
कालीथान निवासी उमेश की हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी ममता सिंह की तहरीर पर कालीथान के ग्राम प्रधान विष्णु चौहान समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। ग्राम प्रधान को पुलिस ने जेल भेजा है। शेष चार आरोपी फरार हैं।
मृतक के परिवारीजनों ने मामले में पुलिस की कार्रवाई से नाखुश होकर मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी। आयोग ने प्रदेश सरकार को मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को सीबीसीआईडी के सदस्य आरआर त्रिपाठी व नरेन्द्र त्रिपाठी बलरामपुर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि ममता का बयान दर्ज किया गया है। घटना स्थल का मुआयना कर आसपास के लोगों का भी बयान दर्ज किया है। सीबीसीआईडी जांच शुरू होने से मृतक के परिवारीजनों में एक बार फिर न्याय की उम्मीद जग गई है।