गोंडा। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट आलोक शर्मा की अदालत ने पुराने लंबित मामलों में बार-बार आदेश के बावजूद गवाहों को न्यायालय में पेश नहीं किए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने चार अलग-अलग मामलों में कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक, एसओ नवाबगंज, इटियाथोक व पैरोकार के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा-29 के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही एसपी को भी दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य बनाम यादवेंद्र पांडेय में कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के साक्षी रामविलास और विवेचक अमित श्रीवास्तव को प्रस्तुत नहीं किए जाने पर थानाध्यक्ष नवाबगंज एवं संबंधित पैरोकार के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
राज्य बनाम राम मनोरथ में भी साक्षियों को पेश न किए जाने पर थानाध्यक्ष नवाबगंज के खिलाफ धारा-29 पुलिस अधिनियम के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज करने तथा 5 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है।
राज्य बनाम सुनील पांडेय आदि में गवाहों की अनुपस्थिति और तामील रिपोर्ट न आने पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें 3 अगस्त 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने को कहा गया है। राज्य बनाम स्वामीनाथ आदि में साक्षियों को पेश न करने पर थानाध्यक्ष इटियाथोक एवं संबंधित पैरोकार के खिलाफ भी धारा-29 पुलिस अधिनियम के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया गया है। दोनों को 3 अगस्त 2026 को न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। वहीं, एक मामले के विवेचक रहे तत्कालीन सीओ अमित कुमार श्रीवास्तव व डॉ. सुबोध के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।