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Gonda News: एनजीटी के आदेश पर अज्ञात खनन माफिया के खिलाफ केस दर्ज

Mon, 27 Nov 2023 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर नवाबगंज थाने में खनन माफिया के खिलाफ अवैध बालू खनन व भंडारण के आरोपों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में राजाराम सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश व अन्य में पारित आदेश के क्रम में अज्ञात के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएम को जांच सौंपी गई थी।
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पिछले चार सितंबर को राजस्व टीम ने सीओ व तहसीलदार की मौजूदगी में जांच शुरू मौके पर मुआयना किया था। टीम ने दो जगह खनित की गई अवैध बालू को जब्त करते हुए नवाबगंज पुलिस की सुपुर्दगी में सौंपी गई थी। वहीं जांच के लिए टीम गठित की गई थी। इस दौरान अज्ञात व्यक्तियों की ओर से नवाबगंज गिर्द व परसापुर में अवैध भंडारण पाया गया। नवाबगंज गिर्द का गाटा डीएवी इंटर कॉलेज की खतौनी में दर्ज पाया गया है। जिसमें नौ हजार तीन सौ 37 घन मीटर बालू डंप किया गया है।
वहीं परसापुर में लगभग चार हेक्टेयर संक्रमणीय भूमि में चार हजार चार सौ 64 घनमीटर बालू चोरी पकड़ी गई है। खान निरीक्षक विवेक कुमार ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर नवाबगंज थाने में केस दर्ज कराया गया है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एनजीटी ने जताई थी चिंता
वादी राजाराम सिंह की याचिका पर एनजीटी के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें पर्यावरण के लिए गंभीर चिंता जताई थी। इस मामले में एनजीटी ने जिला प्रशासन को नोटिस देकर रोक लगाने के लिए कहा था। ऐसे में सात नवंबर के आदेश पर नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुलिस की जांच के बाद दिया जा सकेंगे एनजीटी के सवालों के जवाब

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से जिलाधिकारी की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की गई थी। ऐसे में जांच रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी गई। इसमें जांच कमेटी ने भंडारण के लिए स्थान का जिक्र किया। मगर बालू खनन कहां और किसने किया? इसका जांच में कोई जिक्र नहीं था। अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि एनजीटी के आदेश पर नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज करा दिया गया है। एफआईआर कॉपी एनजीटी को भेज दी गई है। वहीं पुलिस जांच के बाद एनजीटी के सवालों का जवाब दिया जा सकेगा। इससे पहले प्रशासन की रिपोर्ट पर एनजीटी ने बालू खनन से संबंधित एनजीटी को रिपोर्ट सौंपी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि विश्लेषण के बाद एनजीटी की ओर से कोई एडवर्स कमेंट नहीं किया गया है। भंडारण स्थान को लेकर संबंधित कॉलेज प्रबंधक समेत अन्य को नोटिस दिया जा चुका है।
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