गोंडा। भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप का एक महिला संग वीडियो वायरल होने से सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। वीडियो में दिख रही महिला ने रविवार रात छपिया थाने पहुंचकर जिलाध्यक्ष को भाई बताते हुए साजिश के तहत वीडियो वायरल करने के आरोप में अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया है।
महिला ने एक वीडियो जारी कर पूरा घटनाक्रम साझा किया है। बताया कि 12 अप्रैल को लखनऊ से लौट रही थी। रात लगभग 09:30 बज गए थे। कुछ समझ में नहीं आ रहा था। तबीयत खराब लग रही थी। प्यास भी लगी थी, दिक्कत महसूस हो रही थी। चक्कर सा आ रहा था। इसलिए कुछ सूझा नहीं और अध्यक्ष जी के पास कॉल कर दी। उनसे कहा कि मेरी तबीयत खराब है, हम यहां पर स्टेशन पर हैं। हमको प्लीज या तो कहीं थोड़ी देर रुकने के लिए समय दे दीजिए या तो हमारे घर भिजवा दीजिए।
महिला का कहना है कि इसके बाद अध्यक्ष हमको कार्यालय लेकर गए। बोले कि थोड़ी देर यहां पर रुक जाओ फिर मैं भी आता हूं। मैं ऊपर चढ़कर जा रही थी। हील वाली सैंडल पहनी थी। मेरा पैर फिसला और मुझे चक्कर सा आ गया। गिर न जाऊं, इसलिए उन्होंने मुझे सहारा दिया। अब चाहे कोई गलत सोचे या अच्छा। कहा कि पिछले तीन साल से उनको जानती हूं। हमारे उनके पारिवारिक संबंध रहे हैं। वह मेरे पिता तुल्य हैं, चाहे मैं उनको अपना बड़ा भाई मानूं। महिला ने कहा कि फर्जी आरोप लगाकर वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ थाने में शिकायत कर दी है। मानहानि का दावा भी करूंगी। महिला आयोग जाऊंगी। एसओ छपिया संजीव वर्मा का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।
वीडियो वायरल करने वालों पर टिकी नजर
पार्टी कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज का वीडियो वायरल करने के पीछे कार्यालय के ही लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहा है। कई नाम हवा में तैर रहे हैं। जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप का कहना है कि पार्टी नेतृत्व को पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।
गलत मंशा से लीक किए फुटेज
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने भाजपा जिला कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज के वीडियो वायरल होने के मामले में एफआईआर की मांग की है। कहा कि वीडियो से संबंधित नेता अमर किशोर कश्यप तथा महिला दोनों का यह कहना है कि महिला को चक्कर आते समय सहारा दिया गया था। ऐसे में साफ है कि भाजपा के ही कुछ लोगों ने जानबूझकर इस वीडियो को गलत मंशा से लीक किया।
प्रभारी मंत्री बोले-हमें पता ही नहीं
जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि प्रकरण की उन्हें कोई जानकारी ही नहीं है।