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फर्जी अभिलेख से नौकरी पाने वाले तीन बर्खास्त शिक्षकों पर केस दर्ज

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इटियाथोक (गोंडा)। फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले तीन शिक्षकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। नौ महीने पहले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश किया था। इंटियाथोक के खंड शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश के विरुद्ध बीएसए ने बीते दिनों मुकदमा दर्ज न कराने पर हटाकर ऑफिस से संबद्ध कर दिया था। इसके बाद अब नए खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनि प्रताप सिंह ने दो और छपिया के बीईओ अर्जुन प्रसाद वर्मा ने एक शिक्षक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।
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बेसिक शिक्षा में पांच वर्ष से नौकरी कर रहे एक शिक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी की एफ आई आर दर्ज कराई गई है। थानाध्यक्ष संजय कुमार तोमर ने बताया कि ग्राम बगाही के प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक राजू कुमार पुत्र श्रीपति लाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। राजू कुमार का टीटी प्रमाण पत्र एसटीएफ की जांच में फर्जी पाया गया। धोखाधड़ी की तहरीर खंड शिक्षा अधिकारी ने दी थी। इसी तरह नगर कोतवाली में रुपईडीह ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर खुर्द की सहायक अध्यापिका अर्चना पांडे के विरुद्ध धोखाधड़ी करके नौकरी हथियाने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनके विरुद्ध खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनि प्रताप सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। शिक्षिका की नियुक्ति 6 फरवरी 2013 को प्राइमरी स्कूल सहजनवां रुपईडीह में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी।
बीते 18 अप्रैल को बीएसए ने फर्जीवाड़ा मिलने पर शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया था और मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। अब जाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी तरह छपिया थाने में खंड शिक्षा अधिकारी अर्जुन प्रसाद वर्मा ने प्राथमिक विद्यालय पारखास के शिक्षक रंजीत सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि शिक्षक ने फर्जी डिग्री के आधार पर सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल की थी। प्रभारी निरीक्षक अटल बिहारी ठाकुर ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है।
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