निर्वाचन आयोग ने विधान सभा चुनाव में वाहनों का काफिला लेकर चलने पर पूरी तरह से पाबन्दी लगा दी है। काफिला निकालने वाले उम्मीदवारों के वाहनों को सीज करने के साथ उम्मीदवार के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। प्रचार-प्रसार के दौरान छोटे-बड़े सभी तरह के वाहनों का खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।
किसी भी व्यक्ति को वाहनों से प्रचार-प्रसार करने की अनुमति तब तक नहीं मिल सकेगी जब तक उसकी उम्मीदवारी तय नहीं हो जाती। इस बाबत अपर जिला निर्वाचन अधिकारी त्रिलोकी सिंह ने बताया कि वाहनों के लिए अनुमति सम्बन्धित क्षेत्र के रिटर्निंग आफीसर की ओर से दी जाएगी।
अपने लिए व प्रचार सामाग्री ले जाने के लिए केवल पार्टी का जिलाध्यक्ष जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुमति लेकर ही लेकर चल सकेगा। कोई भी उम्मीदवार जितनी चाहे वाहनों का परमीशन प्राप्त कर सकता है। लेकिन इसके लिए शर्त यह रखी गई है कि कोई भी तीन से अधिक वाहन एक साथ नहीं ले चल सकेंगे। सभी वाहनों के खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जुड़ेंग़े। कोई भी उम्मीदवार कुल 28 लाख से अधिक खर्च नहीं कर सकेगा।
कोई भी उम्मीदवार अपने प्रचार वाहन पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजा सकेगा। तेज आवाज में प्रचार-प्रसार से लोगों को परेशान करने पर प्रशासन की टीम उसके जब्ती की कार्रवाई करेगी।
इस वक्त जगह-जगह बीजेपी के वीडियो प्रोग्राम वाले वैन घूम रहे हैं। इस बावत अपर जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसका पार्टी की ओर से निर्वाचन आयोग से अनुमति ली गई है। इस पर उन्होंने बताया कि इन वाहनों का अपना रूट चार्ट बना हुआ है। यदि इस वाहन के जरिये कोई प्रचार सामाग्री या फिर किसी उम्मीदवार का बैनर पोस्टर लगाया जाता है तो इस वाहन का खर्च प्रत्यासी के खर्चे में जोड़ा जाएगा। इस वाहन पर चलने वालों के पहचान पत्र की जांच होगी।
विधान सभा चुनाव में मतदान के 48 घंटे पहले पार्टी व उम्मीदवारों की ओर से सभी तरह का प्रचार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रचार-प्रसार किये जाने पर केस दर्ज कराया जाएगा।
विधान सभा चुनाव के लिए 27 फरवरी को मतदान के बाद सभी पीठासीन अधिकारी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को गल्ला मण्डी परिसर में बनने वाले स्ट्रांग रूम में जमा करेंगे। स्ट्रांग रूम अर्धसैनिक बलों की निगहबानी में रहेगा। यहां 11 मार्च को मतगणना होगी। यहीं से उम्मीदवारों के चुनाव परिणाम घोषित किये जाएंगे।
दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर ट्राई साईकिल की सुविधा दी जाएगी। मतदान केंद्रों पर दिव्यांगों को बूथ तक जाने के लिए ट्राई साईकिल की व्यवस्था की जाएगी। दिव्यांग मतदाता को मतदान करने को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष ध्यान दिया गया है। इस बार आयोग दिव्यांग मतदाताओं पर मेहरबान है।
ऐसे दृष्टि बाधित मतदाता जिन्हें देखने में परेशानी है वे मतदाता मतदान के लिए अपने किसी विश्वसनीय सहयोगी को साथ ले जा सकेंगे। दृष्टि बाधित मतदाताओं को अपने साथ मतदान सहयोगी ले जाने की छूट रहेगी। ताकि कोई भी व्यक्ति वोटिंग से वंचित न रहे।
जिला निर्वाचन कार्यालय पर इस समय निर्वाचन कार्य निपटाने में तेजी आ गई है। भारत निर्वाच न आयोग से रोजाना हर समय पहले से दी गई गाइड लाइन के अमल के बावत सूचना तलब की जाती है।
अपर जिला निर्वाचन अधिकारी त्रिलोकी सिंह व सहायक निर्वाचन अधिकारी गिरजेश कुमार समेत दो दर्जन कर्मचारी चुनावी तैयारियों को अन्तिम रूप देने में रोजाना मशक्कत कर रहे हैं। विभाग को जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष निरंजन की ओर से दूसरे विभाग के कई कर्मचारी देकर कार्य को पूरा कराया जा रहा है।
इनसेट
कुल क्षेत्रवार दिव्यांग मतदाता
मेहनौन 1526
गोंडा 965
कटरा 2828
करनैलगंज 2010
तरबगंज 1339
मनकापुर 1481
गौरा 1117