गोंडा। महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली कोड़र में प्रस्तावित 300 बेड के राजकीय एकीकृत आयुष चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के निर्माण को अब गति मिलने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में पेश अनुपूरक बजट में गोंडा समेत पांच मंडलों में नए राजकीय एकीकृत आयुष चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालयों की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार गोंडा, आगरा, बस्ती, मेरठ और मिर्जापुर ऐसे मंडल हैं, जहां वर्तमान में कोई राजकीय आयुष चिकित्सा महाविद्यालय संचालित नहीं है। इन मंडलों में नए संस्थान स्थापित किए जाएंगे। बजट में धनराशि का प्रावधान होने के बाद गोंडा में लंबे समय से प्रस्तावित आयुष मेडिकल कॉलेज परियोजना को रफ्तार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय ने बताया कि कोड़र में 300 बेड का राजकीय एकीकृत आयुष चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थान शुरू होने से गोंडा और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को आयुष चिकित्सा की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि महाविद्यालय का परिसर पूरी तरह आवासीय होगा। इसमें अस्पताल भवन के साथ प्राचार्य, चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सकों, कर्मचारियों और इंटर्न छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय व्यवस्था होगी। परिसर में बैंक, डाकघर समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा औषधीय पौधों के संरक्षण और अध्ययन के लिए हर्बल गार्डन भी बनाया जाएगा।
कोड़र निवासी विपिन बिहारी सिंह ने कहा कि आयुष मेडिकल कॉलेज बनने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पतंजलि भूमि न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने इसे क्षेत्र और आयुष चिकित्सा शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
एकीकृत आयुष महाविद्यालय में होगी इन विषयों की पढ़ाई
एकीकृत आयुष चिकित्सा महाविद्यालय में भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की विभिन्न शाखाओं की शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएगी। यहां आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी की पढ़ाई होगी। छात्रों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, शिक्षण सुविधाओं और 300 बेड के शिक्षण चिकित्सालय में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही हर्बल गार्डन के माध्यम से औषधीय पौधों के संरक्षण, शोध और प्रशिक्षण की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे देवीपाटन मंडल के विद्यार्थियों को आयुष शिक्षा और उपचार की आधुनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।