गोंडा। स्कूलों में फर्नीचर आपूर्ति के लिए एक फर्म से सवा दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में बीएसए की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बीएसए अतुल तिवारी पहले आठ नवंबर तक अवकाश पर थे, अब उन्होंने 16 नवंबर तक अवकाश बढ़ा दिया है। इसी बीच सोमवार को पुलिस टीम बीएसए कार्यालय पहुंची और संबंधित रिकार्ड मांगने के साथ ही अधिकारियों से मामले की जानकारी हासिल की।
मोतीगंज के ग्राम किनकी के रहने वाले मनोज पांडेय हरियाणा के गुरुग्राम स्थित नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उन्होंने गोरखपुर के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विपिन कुमार तृतीय के न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर गंभीर आरोप लगाए थे। इसमें 564 उच्च प्राथमिक व संकुल विद्यालयों के लिए फर्नीचर सप्लाई के टेंडर को लेकर 2.25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप बीएसए के साथ ही जिला समन्वयक प्रेमशंकर मिश्र व विद्याभूषण मिश्र पर लगाया था। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की जांच कर रहे सीओ सिटी आनंद कुमार राय ने बताया कि रविवार को वादी मुकदमा का बयान दर्ज किया गया है। उनसे रिकॉर्ड मांगा गया है। कुछ रिकाॅर्ड मिल गया है। कुछ एक-दो दिन में देने को कहा है। सोमवार को पुलिस टीम को बीएसए दफ्तर भेजा गया था। कुछ अभिलेख मिले हैं।
इसी बीच बीएसए अतुल तिवारी ने अवकाश बढ़ा दिया है। अब वह 16 नवंबर तक अवकाश पर रहेंगे। बीएसए का कहना है कि उनके ऊपर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह निराधार हैं। उन्होंने संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसके बाद पेशबंदी में अब यह आरोप लगाए जा रहे हैं।