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Gonda News: दलालों ने सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर से बनाया फिटनेस सर्टिफिकेट

Thu, 24 Jul 2025 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज में दलाल ऑपरेशन के नाम पर सिर्फ पैसे ही नहीं वसूलते हैं बल्कि अब अधिकारियों के हस्ताक्षर व मुहर लगाकर फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर रहे हैं। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। चिकित्सक के कक्ष में बैठे दलालों ने एक अधिवक्ता से पांच सौ रुपये लेकर सीएमओ का हस्ताक्षर व मुहर लगाकर फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बना दिया। सर्टिफिकेट में जिला अस्पताल गोंडा लिखा हुआ था, जबकि फिटनेस प्रमाणपत्र सीएमओ कार्यालय की ओर से जारी होता है। अधिवक्ता ने कोतवाली नगर में तहरीर दी है।
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वरिष्ठ अधिवक्ता गंगाधर तिवारी ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया कि 21 जुलाई को वह अपने बेटे हर्षवर्धन का फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने गए थे। आंख व गले के डॉक्टर से परीक्षण कराने के बाद फिजीशियन की रिपोर्ट लगवाने गए तो चिकित्सक के कक्ष में बैठे व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर का सहयोगी बताकर एक घंटे में प्रमाणपत्र बनाकर देने का दावा किया।
जिसके बदले 500 रुपये सुविधा शुल्क लेते हुए दलाल ने अपना नंबर भी दिया। दलाल ने दो बजे एक प्रमाणपत्र लाकर दिया। इसमें सीएमओ के हस्ताक्षर व मुहर लगी थी। जिस पर जिला अस्पताल गोंडा लिखा हुआ था। दो वर्ष पहले ही सभी प्रपत्रों में जिला अस्पताल के स्थान पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय लिखा होता है। संदेह होने पर वह प्रमाणपत्र लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे, जहां कर्मियों ने बताया कि संबंधित प्रमाणपत्र फर्जी है। दलाल की ओर से दिए गए नंबर पर फोन करने पर पैसा वापस करवा दिया गया। बाद में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से सही प्रमाणपत्र जारी किया गया।
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हमारे हस्ताक्षर नहीं, सर्टिफिकेट भी फर्जी
फिटनेस सर्टिफिकेट हमारे या एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा व डॉ. जयगोविंद की ओर से जारी किया जाता है। ये हस्ताक्षर न तो हमारे हैं, और न किसी एसीएमओ के हैं। सर्टिफिकेट भी फर्जी है। कहां से प्रमाणपत्र बनवाया गया, इसकी जांच कराई जाएगी। ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ, गोंडा

अस्पताल से नहीं जारी होता फिटनेस सर्टिफिकेट
-मेडिकल कॉलेज होने के बाद से अस्पताल से फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं जारी होता है। किन लोगों ने पैसे लेकर फर्जी सर्टिफिकेट बनाया है। इसकी जांच करवाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. अनिल तिवारी, सीएमएस
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