गोंडा। कोरोना संकट में गरीबों को सरकार की ओर से मुफ्त में राशन दिए जाने की व्यवस्था की गई थी। कोटेदारों ने बड़े पैमाने पर राशन वितरण में गोलमाल किया। जिला आपूर्ति अधिकारी की जांच में इस मामले का खुलासा हुआ और 12 कोटेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। यही नहीं 24 से अधिक कोटेदारों के विरुद्ध पांच लाख रुपये के जुर्माने का नोटिस जारी हुआ है।
जिले में लॉकडाउन के चलते शहरी गरीबों के साथ ही गांवों के दो लाख से अधिक गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले के साथ ही श्रमिकों और अन्य ऐसे कामगार जो रोज कोई कार्य करके घर चलाते थे। लॉकडाउन के चलते उनके सामने दो जून की रोटी का संकट था। ऐसे लोगों को प्रदेश सरकार ने मुफ्त में राशन देने की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान कोटेदार बाज नही आए और बडे़ पैमाने पर हेराफेरी की।
शिकायतों के बाद जिला आपूर्ति अधिकारी वीके महान ने जांच कराई। तहसीलों में उपजिलाधिकारियों के स्तर से भी जांच हुई। कालाबाजारी का मामला सामने आने पर 12 कोटेदारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है और 24 से अधिक कोटेदारों की वितरण व्यवस्था संदिग्ध पाई गई। जिन पर जुर्माना हुआ है। करीब 86 हजार रुपये बतौर जुर्माना सरकारी कोष में जमा किया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी का कहना है कि वितरण में घपला किया गया है। जांच में इसका खुलासा होने पर कार्रवाई की गई है। आगे भी कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई के दायरे में बभनजोत के नरहरपुर के कोटेदार अशोक कुमार, छपिया के चुवाड़ के कोटेदार आमोद नाथ, इंटियाथोक के विजय गढ़वा के ह्रदयराम, रुपईडीह के पुरैनिया के रमापति पांडे, मुजेहना के रुद्रगढ़ नौसी के कोटेदार केवला देवी, कटरा बाजार के बरुईगोंदहा कोटेदार द्वारिका नाथ पांडे, परसपुर के पूरे लाली की मीना पांडे, करनैलगंज के बेलहरी के मोनू खां, नवाबगंज के इन्द्ररपुर के राघवराम पांडे, तरबगंज के परास पट्टी मझवार के तिलई यादव व बेलसर के ऐली परसौली के कोटेदार विश्वनाथ आए हैं। इनके कोटे की दुकानों की जांच भी दी गई है। जिससे रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जा सके।
गरीबों को अनाज देने की योजना में कालाबाजारी किए जाने पर 12 कोटेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। कई कोटेदारों के यहां आंशिक कमी मिलने पर जुर्माना की कार्रवाई की गई है। करीब 86 हजार रुपये सरकारी खाते में जमा कराया गया है। गरीबों को मानक के आधार पर राशन दिलाए जाने के लिए बराबर निगरानी की जा रही है।- वीके महान, जिला आपूर्ति अधिकारी