गोंडा। महिलाओं व बेटियों को बंदिशें तोड़कर खुलकर अपनी बात कहनी चाहिए। अपने अधिकार के प्रति सजगता ही सुरक्षा की तरफ पहला कदम है। यदि हम अपने विधिक अधिकारों के प्रति सजग हैं तो हमारा शोषण नहीं हो सकता। हमें अपने कानूनी अधिकार और कर्तव्य दोनों का बोध होना चाहिए।
यह बात शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रघुकुल महिला विद्यापीठ डिग्री कालेज में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के मुद्दे पर आयोजित विधिक साक्षरता कार्यक्रम में अपर जिला जज दानिश हसनैन ने कही। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं का आह्वान करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए सभी लोग अपने आसपास के लोगों को उनके अधिकारों के बारे में बताएं। कार्यक्रम को नायब तहसीलदार सदर अहमद हसन, महिला थानाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी चंद्रमोहन वर्मा, असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल बृज लाल तिवारी, वन स्टाप सेंटर प्रभारी चेतना सिंह सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
महाविद्यालय के मुख्य नियंता हरिनाथ सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन टेली लाॅ के पैनल अधिवक्ता अविनाश चंद श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर कालेज की प्राध्यापक डॉ उमा पाठक, डॉ नीतू चंद्रा व शेफाली पांडेय, डिप्टी डिफेंस काउंसिल अनिमेष चतुर्वेदी, असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल प्रभात श्रीवास्तव, विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक मुकेश कुमार व कन्हैयालाल तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे।