धानी गांव के पास बालक की टेढ़ी नदी में डूबने से मौत के बाद जुटी भीड़। - संवाद
बालपुर। धानी गांव के पास सोमवार को टेढ़ी नदी में नहाते समय चार बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे। चीखपुकार सुनकर गांव के तीन युवकों ने नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने साहस दिखाते हुए तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन 11 वर्षीय शहजाद जलकुंभी में फंस गया। काफी प्रयास के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।
धानी गांव निवासी पीर अली के मुताबिक, उनका 11 वर्षीय नाती शहजाद पिपरा चंदवतपुर का निवासी था। सोमवार को वह अपने साथी असलम, आसिफ और अजमेन के साथ टेढ़ी नदी में नहाने गया था। इसी दौरान चारों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों की चीखपुकार सुनकर गांव के अन्नू, इबरार और लल्लू नदी में कूद पड़े। तीनों युवकों ने असलम, आसिफ और अजमेन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन शहजाद जलकुंभी में उलझ गया। कड़ी मशक्कत से उसे नदी से निकाला गया मगर तब तक उसकी मौत हो गई।
घटना से गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों ने बताया कि शहजाद के माता-पिता रोजगार के सिलसिले में लुधियाना में रहते हैं। हादसे से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सीओ आनंद राय ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
बच्चों को नदी में नहाने से रोकें
आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को नदियों और गहरे जलस्रोतों में अकेले नहाने न जाने दें। नदी में पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। जलकुंभी और अन्य जलीय वनस्पतियों में फंसने का खतरा भी रहता है। बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावकों को सतर्क रहना चाहिए।