गोंडा। विश्व पुस्तक दिवस पर राजकीय जिला पुस्तकालय में बृहस्पतिवार शाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिले के साहित्यकारों ने काव्यपाठ के साथ-साथ पुस्तक और पठन संस्कृति पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार शिवाकांत मिश्र विद्रोही ने की। उन्होंने कहा कि पुस्तकें समाज को दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। आज के दौर में युवाओं को साहित्य से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, तभी समाज में संवेदनशीलता और विचारशीलता बनी रहेगी।
कार्यक्रम का संचालन कवि आशुतोष त्रिपाठी ने किया। प्रभारी पुस्तकालयाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबों का भंडार नहीं, बल्कि ज्ञान और संवाद का केंद्र हैं। ऐसे आयोजनों से पाठकों में पढ़ने की रुचि बढ़ती है।
कवि त्रिलोकी नाथ मौर्य ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और कवि समाज की भावनाओं को शब्दों में ढालने का कार्य करता है। विनय शुक्ल ने कहा कि नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
इस अवसर पर उमानाथ त्रिपाठी, याक़ूब अज्म गोंडवी, नजीर गोंडवी सहित अन्य कवियों ने काव्यपाठ किया। कवयित्री नीता सिंह, ज्योतिमा शुक्ला, जिज्ञासा तिवारी एवं प्रीती शुक्ला ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को समृद्ध किया। कार्यक्रम में बबली सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।