गोंडा। गोंडा में बिजलीकर्मी भीषण गर्मी के बीच बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने को मजबूर हैं। सुरक्षा बेल्ट, दस्ताने जैसे जरूरी उपकरणों की कमी से उनकी जान जोखिम में है। खराबी और ट्रिपिंग की बढ़ती समस्याओं के कारण लाइन दुरुस्त करने का दबाव भी बढ़ा है।
धानेपुर, कटरा बाजार, नवाबगंज और नगर क्षेत्र में कर्मी बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करते देखे गए। बृहस्पतिवार को नवाबगंज विद्युत उपकेंद्र के ढेमवा फीडर दत्तनगर में एक कर्मी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के लाइन दुरुस्त कर रहा था। उसने बताया कि कर्मचारियों की संख्या अधिक है, जबकि किट कम मिली हैं, जिससे उन्हें बिना सुरक्षा उपायों के काम करना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी नवाबगंज कस्बे और कटरा बाजार में ऐसी ही स्थिति दिखी, जहां कर्मी हेलमेट के अलावा अन्य उपकरण के बिना काम कर रहे थे। मानकों को दरकिनार कर शटडाउन दिए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम करने पर मजबूर हैं।
बिजली विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी दिव्यरंजन ने कार्यदायी संस्था को कर्मियों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने और समुचित उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी चूक हादसे का कारण बन सकती है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि सुरक्षा बेल्ट, दस्ताने, सेंसर युक्त हेलमेट और उचित चाबी शृंखला जैसे अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों की किट दी गई हैं, लेकिन जूते पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो सके हैं। उन्होंने शटडाउन से पहले सभी उपकरणों का पहनना अनिवार्य बताया और नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। यथार्थ ने कहा कि लापरवाहों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच में चली गई थी संविदाकर्मी की जान
बीते 12 मार्च को देवीपाटन मंडल के बहराइच जिले में संविदाकर्मी दीपनारायण मौर्य की ट्रांसफार्मर की फ्यूज बांधते समय करंट लगने से जान चली गई थी। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था। गोंडा में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी गंभीरता नहीं बरती जा रही है।
नवाबगंज कस्बे व ढेमवा फीडर के दत्तनगर में बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करते बिजलीकर्मी। स्रोत: व- फोटो : यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट में 91.60 प्रतिशत लाकर जिला टॉपर रहे हरिकेश शर्मा को मिठाई खिलाते शिक्षक व परिजन।