मजरों के विद्युतीकरण में फिसड्डी साबित हो रहीं कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ जल्द ही पावर कॉर्पोरेशन एफआईआर दर्ज कराएगा, जिसके लिए इन कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन हर्ष मुंशी का कहना है कि मुख्यमंत्री के ऊर्जा सलाहकार की बैठक में ही इस पर सहमति बन गई थी। इसलिए विद्युतीकरण में फिसड्डी साबित हो रहीं संस्थाओं को पहले कॉर्पोरेशन की तरफ से नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद इनके खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।
पावर सेक्टर के नेटवर्क को मजबूत कर गांवों को अगले साल से 16 से 18 घंटे बिजली देने का आश्वासन प्रदेश सरकार ने लोगों को दे रखा है, लेकिन प्रदेश सरकार का यह वादा तभी पूरा हो सकता है, जब गांव-गांव बिजली और उसका नेटवर्क हो।
जिले में आरजीजीवाई के तहत विद्युतीकरण का काम दो अलग-अलग संस्थाएं वैरीगेट व समाज कल्याण मिलकर कर रही हैं।
समाज कल्याण को जहां 300 आबादी से ऊपर के दो हजार मजरों का विद्युतीकरण करना है तो वहीं वैरीगेट को 100 आबादी से ऊपर के 13 हजार मजरों तक बिजली पहुंचाना है। लेकिन दोनों ही संस्थाओं की ओर से जिले में इसका काम धीमी गति से किया जा रहा है।
इसके कारण छह महीने बीत जाने के बावजूद दोनों एजेंसियां अपने लक्ष्य का एक फीसदी भी काम पूरा नहीं कर पाई हैं।
बीते दिनों जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक के दौरान ऊर्जामंत्री के सलाहकार कृपाल सिंह ने ऐसी संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए थे, जो विद्युतीकरण के काम में हीलाहवाली बरत रहीं हों।
बताया जाता है कि कृपाल सिंह से मिले निर्देशों के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने इस दिशा में अपने प्रयास तेज करते हुए दोनों संस्थाओं को नोटिस भेजकर उनसे जवाब मांगा है।
नोटिस में कॉर्पोरेशन ने तीन दिन में जवाब न मिलने की दशा में संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर की बात कही है।