गोंडा। इटियाथोक ब्लाॅक में बीते साल कराए गए विकास कार्यों में एक करोड़ 94 लाख 74 हजार 282 रुपये की वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। शासनादेश के विपरीत ब्लाॅक के अफसरों ने ग्राम पंचायतों में डेढ़ करोड़ से अधिक धनराशि खर्च कर दी। लेबर सेस, जीएसटी और टीडीएस कटौती की सरकारी रकम को भी नहीं जमा किया। इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने ब्लॉक प्रमुख, तीन बीडीओ और एक लेखाकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की संस्तुति मंडलायुक्त व मुख्य विकास अधिकारी से की है।
ब्लाॅक में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कराए गए कार्यों के ऑडिट में पता चला कि ग्राम पंचायत परसिया गूदर में चिंताहरण मंदिर व ग्राम पंचायत बिहुरी के छितईपुरवा में खंड़जा मार्ग से रामगोपाल तिवारी के घर तक इंटरलाॅकिंग रोड के निर्माण में एक लाख छह हजार 845 रुपये की मजदूरी का भुगतान किया गया। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी पत्रावली और मस्टररोल नहीं दे पाए।
यही नहीं, ग्राम पंचायतों में एक करोड़ 50 लाख 10 हजार 692 रुपये से 22 निर्माण कार्य कराए गए। एक कार्य आईडी पर ग्राम पंचायत में एक से अधिक कार्य कराकर 13 लाख 12 हजार 755 रुपये और टुकड़े-टुकड़े में कार्य कराकर 18 लाख 61 हजार 866 रुपये की वित्तीय अनियमितता का भी खुलासा हुआ है।
आडिट टीम के अनुसार शासनादेश के अनुसार निर्माण कार्यों पर व्यय के सापेक्ष दो लाख 83 हजार 509 रुपये लेबर सेस, पांच लाख 67 हजार 19 रुपये जीएसटी और तीन लाख 31 हजार 596 रुपये टीडीएस की कटौती तो गई, लेकिन उसे बैंक अथवा संबंधित खाते में जमा नहीं किया गया।
ज्येष्ठ लेखा परीक्षक वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट पर जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने एक करोड़ 94 लाख 74 हजार 282 रुपये की गंभीर अनियमितता के लिए ब्लॉक प्रमुख पूनम द्विवेदी, तत्कालीन बीडीओ रवि कुमार गुप्ता, इंद्रावती वर्मा, अनूप कुमार सिंह व लेखाकार पंचलाल को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासनिक व वैधानिक कार्रवाई की संस्तुति मंडलायुक्त और मुख्य विकास अधिकारी से की है।
देवीपाटन मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि ऑडिट के दौरान इटियाथोक ब्लाॅक में वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट मिली है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर आपत्तियों का निस्तारण कराया जाएगा।