मथुरा के जवाहर बाग में हुई घटना उत्तर प्रदेश सरकार की असफलता है। सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण ही हमलावरों ने दो जाबाज पुलिस अफसरों को मार डाला। घटना में कई पुलिसकर्मी व निर्दोष नागरिक भी शहीद हो गए। प्रदेश सरकार कठोर कार्रवाई करने के बजाए जाति व धर्म के नाम पर मामले में भेदभाव कर रही है।
ये बातें सोमवार को भाजपा नेताओं ने मुख्यालय पर मथुराकांड के विरोध में किए गए प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहीं। जिला भाजपा कार्यालय से भारी संख्या में भाजपाई पैदल जुलूस निकालकर सदर तहसील पहुंचे। नगर के वीर विनय चौराहे पर रुककर भाजपाइयों ने प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
भाजपा नेताओं का कहना था कि मथुरा जवाहरबाग में हुई घटना प्रदेश सरकार की विफलता का परिचायक है। सत्ताधारी दल के नेताओं के इशारे पर ही रामवृक्ष यादव व उनके समर्थकों ने बहादुर पुलिस अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया।
मामले की सीबीआई जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जिला प्रभारी राम सुंदर चौधरी, जिलाध्यक्ष राकेश सिंह, जगदंबा सोनकर तथा चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
कैलाशनाथ शुक्ल, कुसुम चौहान, अनूप गुप्ता, प्रदीप सिंह व जितेंद्र सिंह ने कहा कि शहीद पुलिस वालों के परिजनों के खिलाफ सांप्रदायिक आधार पर भेदभाव न किया जाए। राज बहादुर यादव, विजय गुप्ता, बृजेंद्र तिवारी व वरुण सिंह मोनू ने कहा कि प्रदेश सरकार गुंडों तथा अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
ऐसी अक्षम सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाना प्रदेश की जनता के हित में है। प्रदर्शन के उपरांत भाजपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन एसडीएम सदर इंद्रभूषण वर्मा को सौंपा। इस अवसर पर अंगद सरन गौतम, हरिलाल विमल, हीरालाल मौर्य, प्रवेश दूबे व जसवंत लाल सोनकर समेत सैकड़ों भाजपाई मौजूद रहे।