आज के परिवेश में जहां भाई ही भाई के खून का प्यासा बना हुआ है तो वहीं भदुवा तरहर गांव में एक भाई ने अपने ही भाई की जान बचाने के लिए अपनी किडनी उसे दान कर दी है।
दिल्ली के अपोलो अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट किए जाने के बाद अब दोनों भाई पूरी तरह से स्वस्थ हैं। वहीं, एक भाई की जान बचाने के लिए दूसरे भाई की दी गई इस कुर्बानी को लोगों ने हाथों हाथ लिया। गांव वालों का कहना है कि आज के इस परिवेश में ऐसे भाई मिलना बड़ा ही मुश्किल है।
बताते हैं कि भदुवा तरहर गांव में रहने वाले राधिका प्रसाद के पुत्र अजय कुमार की दोनों किडनियां काफी समय से खराब थीं। अजय के परिवारीजनों ने उसका इलाज जिले से लेकर कई बड़ेे अस्पतालों में कराया। लेकिन हर जगह से उसे किडनी खराब होने के चलते निराशा ही हाथ लगी।
उधर, अजय के छोटे भाई संजय को जब इस बात का पता चला तो उसने हंसते-हंसते अपनी बाईं किडनी बड़े भाई के देने की बात कही। परिवार वालों की रजामंदी के बाद दोनों लोगों को उनके परिवारीजन दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों लोगों का ऑपरेशन कर संजय की बाईं किडनी अजय के ट्रांसप्लांट कर दी।
कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद अब दोनों भाई गांव में हैं और पूरी तरह से स्वस्थ हैं। गांव पहुंचने पर दोनों भाइयों का गांव वालों ने जोरदार स्वागत किया।
वहीं, भदुवातरहर गांव के प्रधान रामप्रकाश सिंह, भुवनेश्वरदत्त, शुभम अवस्थी, लल्लन पाण्डेय, छल्लू पाण्डेय ने बताया कि आज के परिवेश में ऐसे भाई बड़े मुश्किल से मिलते हैं।