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Gonda News: कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिरि-सुमरि नर उतरहिं पारा...

Sun, 28 Dec 2025 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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परसपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद श्रोता। - संवाद  - फोटो : जिला महिला अस्पताल ​ में बनी आधुनिक लैब।
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परसपुर। कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिरि-सुमरि नर उतरहिं पारा। कलियुग में भगवान गोविंद का सच्चे हृदय से स्मरण करने से नर-नारी का भव से बेड़ा पार हो जाएगा। यह कथा कोई साधारण कथा नहीं बल्कि मोक्ष प्रदायिनी है। यही कथा सुनने से परीक्षित को मोक्ष प्राप्त हुआ था। इसके लिए लोगों को सत्संग, सत्कर्म व भजन करना चाहिए। यह श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ ही सत्संग व सत्कर्म है। इसको सुनने से जीवों का कल्याण होकर जन्म जन्मांतर के दुख दूर हो जाते हैं। ये बातें परसपुर कस्बे में चौराहे के पास आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार रात अयोध्या धाम के प्रवाचक पं. सूरज मिश्र महाराज ने कहीं।
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उन्होंने राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि ईश्वर हर जगह विद्यमान हैं। उनका नाम व कथा सुख-दुख, जाने-अनजाने में भी सुनने से हमेशा लाभ ही होता है। जहां भगवान की भक्ति होगी वहां ज्ञान की प्राप्ति होगी। एकादशी व्रत, गंगा नदी में स्नान, गऊ-ब्राह्मण व घर में तुलसी माता की सेवा जिन घरों में होती है वहां मंगल ही मंगल होता है। कथा में कलाकारों ने भोलेनाथ व माता पार्वती की मनमोहक झांकी सजाई। इस अवसर पर उदयभान शास्त्री, नरेंद्र सोनी, पिंटू सोनी, शुभम वर्मा, शिवांश वर्मा, आकाश सोनी, कृष्णा सोनी, लल्लन कौशल आदि मौजूद रहे।
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