गोंडा। करनैलगंज में दत्तनगर के सुदईपुरवा गांव में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्र की हत्या के मामले में बुधवार शाम पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने सख्त रुख अपनाया है। बीट इंचार्ज उपनिरीक्षक मो. गुफरान को एसपी ने लाइनहाजिर कर दिया है। वहीं करनैलगंज पुलिस पर लगे आरोपों की जांच एएसपी पूर्वी को सौंपी गई है।
रविवार को जमीन के विवाद में अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्र की हत्या कर दी गई थी। प्रकरण में सुभाष के सगे भाई समेत चार नामजद आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, घटना के बाद अधिवक्ताओं ने करनैलगंज पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे। अधिवक्ताओं का आरोप था कि वारदात से एक दिन पहले मृतक ने करनैलगंज कोतवाल से मिलकर सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन इसके बाद भी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। यह भी कहा गया कि घटना के दिन घायल की रिपोर्ट समय से मेडिकल कॉलेज नहीं भेजी जा सकी, जिससे उपचार में देरी हुई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
बुधवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविचंद्र त्रिपाठी, महामंत्री सुनील कुमार पांडेय, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय प्रकाश त्रिपाठी व महामंत्री गौरी शंकर चतुर्वेदी की एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय के साथ बैठक हुई। बैठक में एएसपी ने अब तक की पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी और बताया कि सभी नामजद आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा मामले की विवेचना जारी है। अधिवक्ताओं की मांग पर उन्होंने आश्वासन दिया कि करनैलगंज कोतवाल, हल्का इंचार्ज समेत संबंधित पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच एएसपी स्तर से कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गांव में अब भी पुलिस का पहरा
घटना के बाद से दत्तनगर के सुदईपुरवा गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है। बुधवार को भी गांव के प्रवेश मार्गों पर पुलिसकर्मी निगरानी करते नजर आए। वहीं, नामजद आरोपियों के घरों पर सन्नाटा पसरा रहा।