गोंडा। 50 गांवों में आपदा प्रबंधन के लिए जिला पंचायत सभागार में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों व अधिकारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का शुभारम्भ अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह ने किया।
प्रशिक्षण में कर्मियों को शीत लहर, बाढ़, सूखा, भूकंप, सुनामी जैसी आकस्मिक आपदाओं से निपटने व पूर्व तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षुओं को बताया गया कि समय-समय पर शीत लहर, बाढ़, सूखा, भूकंप, सुनामी जैसी आकस्मिक आपदाएं आती ही रहती हैं।
इसलिए इन प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के उपाय और साधन खोजे जाएं। आग, दुर्घटना तथा महामारी आदि द्वारा होने वाली आपदा विनाशकारी प्राकृतिक विपत्तियों की तरह ही आकस्मिक होती हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्व विभाग के समन्वय से आपदाओं के पूर्व व आपदा के दौरान की जाने वाली तैयारियों तथा कार्यवाहियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। बताया गया कि आपदाओं सेे निपटने के लिए क्या, कब और कैसे करना चाहिए।
जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने आपदाओं के प्रकार तथा खतरनाक रासायनिक जोखिमों के बारे में बहुत की रोचक ढंग से लोगों को प्रशिक्षित किया तथा सवालों व जवाबों के माध्यम से अधिकारियों का ज्ञानवर्धन किया। इस दौरान मास्टर ट्रेनर, जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रशिक्षु कर्मचारी उपस्थित रहे।